प्रबंध तकनीकी संस्थान में नैतिक मूल्यों के साहित्य की स्थापना भी जरूरी

इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस, जीसीआरजी ग्रुप में वांग्मय साहित्य स्थापना श्रृंखला की 288वीं कड़ी स्थापित

 

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस, जीसीआरजी ग्रुप, लखनऊ उ0प्र0 के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 78 खण्ड वांग्मय साहित्य की स्थापना की गयी।

वांग्मय साहित्य की स्थापना श्रृंखला की 288वीं कड़ी के रूप में यह वांग्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गायत्री ज्ञान मंदिर इन्दिरा नगर के सक्रिय कार्यकर्ता सावित्री शर्मा ने संस्थान के पुस्तकालय को भेंट किया। साथ-साथ डॉ. नरेन्द्र देव ने सभी उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को एक-एक पाकेट बुक तथा यूबीएस भदौरिया ने शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की गयी।

 

इस अवसर पर वांग्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानन्द शर्मा ने प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘‘प्रबन्ध तकनीकी एवं उच्च चिकित्सा संस्थान में नैतिक मूल्यों का साहित्य भी स्थापित कराया जाना चाहिए, इस कार्य में प्रतिभावान व्यक्तियों आगे आना चाहिए, यही यह समय की मांग है। इस अवसर पर उदय भान सिंह भदौरिया, अनिल भटनागर, उमानंद शर्मा, संस्थान के निदेशक डॉ. प्रत्यूष श्रीवास्तव सहित संकाय सदस्य एवं छात्र-छात्रायें मौजूद थे।