जयपुरिया स्कूल में हुई 294वें युगऋषि सम्पूर्ण वांग्मय साहित्य की स्थापना

4500 छात्र-छात्राओं एवं 200 शिक्षक-शिक्षिकाओं को मिलेगा ऋषि साहित्य का सानिध्य

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत जयपुरिया स्कूल गोमती नगर, लखनऊ के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 78 खण्ड वांड़मय साहित्य की स्थापना की गयी।

यह वाङ्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट की सक्रिय कार्यकत्रि अमलेश्वरी सक्सेना एवं डाॅ0 रंजीत कुमार सक्सेना ने अपने स्वर्गीय माता-पिता कुटुम्ब प्यारी देवी सक्सेना एवं लक्ष्मी शंकर सक्सेना की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को वाङ्मय साहित्य साथ-साथ 200 शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी एक-एक ‘‘अखण्ड ज्योति’’ पत्रिका भेंट की गयी।  डाॅ0 नरेन्द्र देव ने 9जीए 10जीए 11जीए 12जी के सभी 400 छात्र-छात्राओं को ऋषि द्वारा रचित पाकेट बुक भेंट की गयी।

इस अवसर पर केके भरद्वाज उपजोन प्रभारी गायत्री परिवार ने ऋषि संदेश देते हुए कहा कि ‘‘शिक्षा के साथ-साथ विद्या भी अनिवार्य है’’ इस अवसर पर उमानन्द शर्मा ने वाङमय साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ऋषि साहित्य मानवीय मूल्य, व्यवसायिक नैतिकता की शिक्षा प्रदान करता है। डाॅ0 नरेन्द्र देव ने छात्र-छात्राओं को निरोगी जीवन जीने के ऋषि सूत्र दिये तथा गायत्री मंत्र के वैज्ञानिक स्वरूप की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रदीप कुमार शुक्ला, डाॅ0 नरेन्द्र देव, अनिल भटनागर, उमानंद शर्मा, प्रमोद बिहारी सक्सेना, संस्थान के उपप्रधानाचार्य डाॅ0 अनुपम विद्यार्थी, विभागाध्यक्ष डाॅ0 किरण सिंह, दीपा वाही, रूना सान्याल, सहित शिक्षक/शिक्षिकायें एवं छात्र-छात्रायें मौजूद थे।