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बजट के लिए पर्यावरण और आमदनी दोनों को दुरुस्त रखने के पांच बेहतरीन सुझाव दिये डॉ राजेश्वर सिंह ने

-सरोजनी नगर विधायक ने यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को पत्र लिखकर भेजे पांच सुझाव

डॉ. राजेश्वर सिंह

सेहत टाइम्स

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आगामी उत्तर प्रदेश बजट (वित्तीय वर्ष 2026–27) को ग्रीन ग्रोथ और क्लाइमेट-रेजिलिएंट डेवलपमेंट का राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को पाँच प्रमुख नीतिगत सुझावों वाला विस्तृत पत्र प्रेषित किया है।

पत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी शासन, पर्यावरण संरक्षण और वित्तीय अनुशासन के क्षेत्रों में हुई अभूतपूर्व प्रगति की सराहना करते हुए कहा है कि अब इन उपलब्धियों को Green Economy और Sustainable Urbanisation के अगले चरण में ले जाने का समय आ गया है।

डॉ राजेश्वर सिंह ने जो पाँच रणनीतिक Green प्रस्ताव दिेये हैं उनमें पहला सुझाव है कि सभी पंजीकृत रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस में सामुदायिक सौर ऊर्जा पार्क की स्थापना का। उन्होंने कहा है कि इन पार्कों की स्थापना में राज्य सरकार का अंशदान 90 प्रतिशत और एसोसिएशन का अंशदान 10 प्रतिशत हो। इससे शहरी क्षेत्रों, विशेषकर लखनऊ जैसे घनी आबादी वाले शहरों में Rooftop Solar की बाधा दूर होगी, बिजली बिल घटेंगे और स्थानीय Green Jobs का सृजन होगा।

दूसरे सुझाव में लखनऊ सहित जल-संकटग्रस्त शहरों में सभी RWAs के लिए Rainwater Harvesting यानी वर्षा के पानी का संचय को अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे गिरते भू-जल स्तर, Urban Flooding और Climate-Induced Water Stress जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा।

तीसरे सुझाव में उन्होंने Green Mobility एवं EV Ecosystem का विस्तार करने का सुझाव देते हुए कहा है कि इलेक्ट्रिक दो पहिया, तीन पहिया वाहन, ई बसें एवं कॉमर्शियल ईवी फ्लीट्स के लिए कर-छूट और सब्सिडी को और सशक्त करने, तथा RWAs, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और ट्रांसपोर्ट हब्स में EV Charging Infrastructure विकसित करने का सुझाव दिया गया है। इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण कम करना और ईंधन आयात पर निर्भरता घटाना है।

चौथे महत्वपूर्ण सुझाव में उन्होंने पराली को किसानों से खरीदने का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना है कि इस Buy-Back Scheme – “Burning नहीं, Earning” होगी। किसानों को Crop Residue बेचने पर प्रत्यक्ष वित्तीय प्रोत्साहन (DBT), Village-Level Aggregation एवं Guaranteed Buyers (CBG Plants, Biomass, Waste-to-Energy Units) की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया है। इससे वायु प्रदूषण घटेगा और किसानों की आय बढ़ेगी।

पांचवें और अंतिम सुझाव में सभी नगर निकायों में Source Segregation, Material Recovery Facilities (MRF), Composting/Biomethanation को प्राथमिकता देते हुए, केवल Residual Waste के लिए चरणबद्ध Waste-to-Energy लागू करने का सुझाव दिया गया है, जिससे लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी जैसे शहरों में Landfill Saturation की समस्या का समाधान हो सके।

‘व्यय नहीं, भविष्य सुरक्षित निवेश’

डॉ. राजेश्वर सिंह ने पत्र में स्पष्ट किया कि ये प्रस्ताव सरकारी व्यय नहीं, बल्कि Future-Proof Investments हैं, जो एक साथ जन-स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, किसान कल्याण, रोजगार सृजन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के वित्तीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में, उत्तर प्रदेश का आगामी बजट Green Growth और Sustainable Development का देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बनेगा।

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