एकता के लिए बलिदान हो गये डॉ. मुखर्जी

बारिश के बीच राज्यपाल ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि

लखनऊ। बारिश के बीच उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने गुरुवार 6 जुलाई को डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सिविल अस्पताल स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये तथा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर अपनी एवं प्रदेश की जनता की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता के लिए अपना बलिदान दिया। उन्होंने आजादी के बाद देश की उद्योग नीति के लिए जो काम किये हैं, वह प्रेरणादायक हैं। प्रदेश सरकार ने डॉ. मुखर्जी के जन्मदिवस पर उत्तर प्रदेश के विकास के लिए जो नई उद्योग नीति बनाई है वह सुखद होगी। उद्योग नीति के लागू होने से सबको काम मिलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद के आदर्शों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। श्री नाईक ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उच्च श्रेणी का समाज सेवक बताया। राज्यपाल ने कहा कि श्री मुखर्जी ने समाज को नई दिशा दी। हम सभी को श्यामा प्रसाद द्वारा बताए गए रास्ते पर चलना चाहिए।
उन्होंने आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने हमेशा ही सकारात्मक सोच के साथ समाज की सेवा की तथा लोगों को भी इसके लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि जब लोग अच्छा सोचेंगे तो उसके परिणाम भी सकारात्मक ही देखने को मिलेंगे। इस मौके पर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आशुतोष दुबे ने कहा कि हम सभी को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। उनके निर्देशों का पालन करना चाहिए। अस्पताल के निदेशक डॉ. एसएस जैन दानू ने कहा कि डॉ. मुखर्जी सच्चे व कर्मठ समाजसेवक थे।