ईमानदारी चिकित्सक को दिलाती है दौलत और शोहरत : डॉ महेन्द्र सिंह

डॉक्टर्स डे पर आईएमए ने आयोजित किया चिकित्सक सम्मान समारोह

लखनऊ। चिकित्सक का क्षेत्र मानव सेवा का क्षेत्र है, इस क्षेत्र में आप जितनी ईमानदारी से काम करते जायेंगे, आपकी शोहरत और दौलत लगातार बढ़ती जायेगी। मरीज पर मुसीबत पड़ती है तो डॉक्टर्स की योग्यता व भगवान की दुआएं ही मरीज के काम आती हैं। यही वजह है कि आमजन डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा देते हैं।

यह बात शनिवार 1 जुलाई को डॉक्टर्स डे के अवसर पर आईएमए भवन में आयोजित सम्मान समारोह में चिकित्सा व स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ.महेन्द्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कही। इस अवसर पर चिकित्सकीय कार्य में विशेष योगदान देने वाले शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सकों को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।
रिवर बैंक रोड स्थित आईएमए भवन में महान चिकित्सक, शिक्षाविद एवं भारत रत्न डॉ.बीसी राय की स्मृति में आयोजित चिकित्सक सम्मान समारोह में राज्यमंत्री डॉ.महेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वस्थ भारत, स्वस्थ प्रदेश की बागडोर चिकित्सकों के हाथ में है, इसलिए चिकित्सकों को चाहिये कि वे अपनी कुशलतम योग्यता का उपयोग करते हुए प्रदेश की तरक्की में योगदान प्रदान करे।

कुछ चिकित्सक कर रहे इस पेशे को बदनाम : डॉ नीरज बोरा

इस अवसर पर विधायक डॉ.नीरज बोरा ने कहा कि चिकित्सकीय कार्यक्षेत्र सम्मानित कार्यक्षेत्र है, चिकित्सकीय कार्य करने वाले को हमेशा सम्मान मिलता है। कुछ चिकित्सक अपनी स्वार्थपरक हरकतों से चिकित्सक संवर्ग को बदनाम करने का प्रयास करते रहते हैं। जिन्हें कुछ ही दिनों में समाज बहिष्कृत कर देता है। चिकित्सकों को चाहिये अपनी प्रतिष्ठानुरूप आमजनमानस की भावनाओं को आहत होने से बचाएं।

रीटेक नहीं होता है डॉक्टर के पेशे में : डॉ एमएलबी भट्ट

इस मौके पर उपस्थित केजीएमयू के कुलपति प्रो.एमएलबी भटट् ने कहा कि चिकित्सकों की मेहनत अतुलनीय है, ओटी के अंदर डॉक्टर्स के पास रीटेक या सोचने का ज्यादा समय नहीं होता है, चिकित्सक के तत्काल निर्णय पर ही मरीज का जीवन निर्भर करता है। आईएमए अध्यक्ष डॉ.पीके गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत एवं डॉ.बीसी राय के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकित्सकों की गरिमा को बरकरार रखना, चिकित्सकों के साथ-साथ आमजन की भी जिम्मेदारी है। सम्मान से चिकित्सकों में गुणवत्तापरक चिकित्सकीय सेवा प्रदान करने की भावना जागृत होती है और वह हर दिन गुणवत्तायुक्त सेवा देने का प्रयास करता है, जबकि अस्पतालों में तोडफ़ोड़ और चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार चिकित्सकों को सेवाभाव से हतोत्साहित करता है।

इन चिकित्सकों को मिला सम्मान 

डॉक्टर्स डे के अवसर पर सम्मान पाने वालों में डॉ. केएम सिंह, डॉ.एएम खान, डॉ.प्रदीप टंडन, डॉ.जीएस बाजपेई, डॉ.केएम पाटनी, डॉ.रमा श्रीवास्तव, डॉ.जीपी ङ्क्षसह, डॉ.लालता प्रसाद, डॉ.हेमप्रभा गुप्ता, डॉ. हेमचन्द्रा, डॉ.वैभव खन्ना, डॉ.वारिजा सेठ, डॉ.संजय निरंजन, डॉ.विजय कुमार, डॉ. पीके सिंह, डॉ.एसके माथुर, डॉ.जीके सेठ, डॉ.सरिता सिंह, डॉ.श्रद्धा सिंह, डॉ.आरबी सिंह, डॉ. एमएल टंडन, डॉ.उर्मिला सिंह, डॉ.मनीष टंडन, डॉ. अलीम सिद्दीकी एवं डॉ.रत्ना पांडेय शामिल रहीं। इन सभी चिकित्सकों को शॉल व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

सरकार के वार्षिक कलेन्डर में दर्ज हो  ‘डॉक्टर्स डे’ : डॉ.पीके गुप्ता

आईएमए अध्यक्ष डॉ.पीके गुप्ता ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि 1 जुलाई को शासन के वार्षिक कलेन्डर में ‘डॉक्टर्स डे’ दर्ज होना चाहिये। साथ ही शिक्षक दिवस की भांति ही डॉक्टर्स दिवस भी शासन स्तर पर मनाया जाना चाहिये, ताकि चिकित्सकों को अपेक्षित सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि हम चिकित्सकों को अवकाश नहीं चाहिये, सम्मान चाहिये ताकि कार्यक्षेत्र और संवर्ग के प्रति प्रेरणा मिलती रहे। उन्होंने कहा कि उक्त मांग को हम बीते कई वर्षों से उठा रहें हैं, मगर अभी तक प्रदेश सरकार ने ध्यान नहीं दिया है।