स्‍मृति शेष : जमीन पर ही दरी और चटाई बिछाकर सो जाते थे अटल बिहारी

भारत रत्‍न अटल बिहारी वाजपेयी को चिकित्‍सा जगत ने भी दी श्रद्धांजलि

 

लखनऊ। भारत रत्‍न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी व़ाजपेयी के निधन पर राजधानी लखनऊ के चिकित्‍सा जगत में भी अनेक स्‍थानों पर शोक सभाओं का आयोजन किया गया। लखनऊ से अटल बिहारी का जुड़ाव होने के कारण अनेकाएक ऐसे लोग हैं जिनकी यादें उनके साथ जुड़ी हैं।

 

बलरामपुर अस्‍पताल में आयोजिेत की गयी श्रद्धांजलि सभा

स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को बलरामपुर चिकित्सालय के निदेशक राजीव लोचन व पूरे स्टाफ की तरफ से श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस मौके पर डॉ राजीव लोचन, मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ आरके सक्‍सेना सहित अन्‍य चिकित्‍सकों तथा पूरे स्टाफ ने 2 मिनट का मौन रखा। डॉ राजीव लोचन ने बताया कि उन्‍हें अटल बिहारी से नजदीक से मिलने का सौभाग्‍य प्राप्‍त हुआ है।

आपको बता दें कि डॉ राजीव लोचन पूर्व मुख्‍यमंत्री रामप्रकाश गुप्‍ता के पुत्र हैं। इस कारण उन्‍हें अटल बिहारी को बचपन से ही नजदीक से देखने का मौका मिला था। डॉ लोचन ने बताया कि मुझे आज भी याद है कि 1960 से 1970 के दशक के बीच अटल बिहारी उनके आर्य नगर स्थित घर पर आते थे। उनकी सादगी का जिक्र करते हुए डॉ लोचन कहते हैं कि वे जमीन पर ही दरी और चटाई बिछाकर लेट जाते थे तथा मेरी माता जी के हाथ के पराठे और सब्‍जी बहुत शौक से खाते थे।

 

 

सीएमओ कार्यालय में शोकसभा

शोक प्रकट करने तथा उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया ।इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नरेंद्र अग्रवाल ने कहा अटल बिहारी विरल व्यक्तित्व के स्वामी थे ।उनके नेतृत्व में देश ने अनेक ऊंचाइयां हासिल की। उनके जैसा दूरदर्शी नेता भविष्य में पैदा होना बहुत मुश्किल है। हम सब उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

 

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर डीके बाजपेई ने कहा कि वाजपेयी जी अत्यंत सरल हृदय के राजनेता थे जिनका सम्मान न सिर्फ विपक्षी दल बल्कि विदेशों में भी सभी लोग करते थे ।एक दशक से भी अधिक समय से राजनीति से दूर होने के बावजूद आज भी लोग उन्हें कृतज्ञतापूर्वक याद करते हैं। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर के पी त्रिपाठी ने कहा कि वाजपेयी जी ने लखनऊ के लिए बहुत कुछ किया। डॉ एस के सक्सेना ने कहा कि अटल बिहारी लखनऊ से बहुत प्रेम करते थे और लखनऊ वासी भी उन्हें बहुत प्रेम करते हैं। वाजपेयी जी ने लखनऊ को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, शहीद पथ, गोमती नगर रेलवे स्टेशन तथा अनेक फ्लाईओवर सौगात में दिए। उनकी कमी को कभी भी पूरा नहीं किया जा सकेगा। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों ने अटल बिहारी के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्‍पताल में हुई श्रद्धांजलि सभा

सिविल अस्‍पताल के चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ आशुतोष दुबे ने बताया कि आज दोपहर 12 बजे चिकित्सालय में भारत के दसवें प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। जिसमें पूरा चिकित्सालय सम्मिलत हुआ।

डॉ आशुतोष ने अटल बिहारी को अपने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि-

देता हूँ श्रद्धांजलि, उन्हें

वो मनुज नहीं अवतारी थे।

सच्चे राजनीतिज्ञ, कुशल पत्रकार,

कोमल कवि, कुछ ऐसे ही अटल बिहारी थे।

 

इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी दी श्रद्धांजलि

 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी है। आईएमए के पदाधिकारियों यूपी प्रेसीडेंट इलेक्‍ट डॉ एएम खान, लखनऊ शाखा के अध्‍यक्ष प्रो सूर्यकांत, निवर्तमान लखनऊ अध्‍यक्ष डॉ पीके गुप्‍ता, सचिव डॉ जेडी रावत, डॉ रमा श्रीवास्‍तव, डॉ अलीम सिद्दीकी सहित सभी पदाधिकारियों ने भारत रत्‍न अटल बिहारी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

 

अद्भुत संयोग

 

यह अद्भुत संयोग ही तो है कि अटल बिहारी के जन्‍म और निर्वाण की तारीख का आपस में योग किया जाये तो एक ही आता है। विदित है कि उनका जन्‍म 25 दिसम्‍बर, 1924 को हुआ था और उनके महाप्रयाण की तारीख 16 अगस्‍त, 2018 है। देखिये कैसे

 

( 25.12.1924 – 16.08.2018 )

25.12.1924 = 2+5+1+2+1 + 9 + 2 + 4 = 26

16.08.2018 = 1+6+8+2+0+1+8 = 26