लोहिया अस्‍पताल में कर्मचारी की मौत को लेकर मांगों पर निदेशक ने दिया आश्‍वासन

-लोहिया कर्मचारी अस्तित्‍व बचाओ मोर्चा के साथ वार्ता में पुरानी कई मांगों को पूरा करने के दिये गये निर्देश

लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्‍थान की निदेशक नुजहत हुसैन ने लोहिया कर्मचारी अस्तित्‍व बचाओ मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ बैठक में कर्मचारियों की लम्‍बे समय से चली आ रही मांगों पर आज सकारात्‍मक रुख अपनाया है। इन मांगों में पिछले दिनों अस्‍पताल में तैनात कर्मचारी को भर्ती न करने का आरोप भी शामिल है, इस कर्मचारी को मजबूरन निजी अस्‍पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जहां बाद में उसकी मृत्‍यु हो गयी थी।

मोर्चा के उपाध्‍यक्ष अनिल चौधरी ने यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्‍यम से देते हुए बताया है कि आज 28 अगस्‍त को निदेशक के कक्ष में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा की उपस्थिति में वार्ता हुई। वार्ता में मोर्चा के अध्‍यक्ष डीडी त्रिपाठी द्वारा कहा गया कि  4 अक्टूबर 2019 को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की उपस्थिति में उनके कक्ष में हुई बैठक में निदेशक डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की उपस्थिति में निर्णय लिया गया था कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों को संस्थान की भाँति‍ सभी भत्ते दिए जाएंगे, लेकिन 1 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्यवाही नहीं हुई। इस पर निदेशक ने 1 सप्ताह के अंदर प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्‍त डेंटल हाइजीनिस्ट संवर्ग का वेतनमान गलत हो जाने के कारण कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति पर तैनाती नहीं हो पाई थी, इसका भी प्रस्ताव 1 सप्ताह में भेजने का निर्देश दिया, तथा अन्य कर्मचारी जो प्रतिनियुक्ति पर तैनात नहीं हो पाए हैं, उनको भी प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने के संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को आई कार्ड 15 दिन के अंदर उपलब्ध करा दिया जाएगा, कर्मचारियों को अलग से मेडिकल की सुविधा इमरजेंसी तथा अन्य कंट्रोल पर उपलब्ध रहेगी जिससे किसी कर्मचारी को कोई परेशानी नहीं हो पाएगी। निदेशक ने हॉस्पिटल ब्लॉक के अधीक्षक को निर्देश दिया कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाए। सभी कर्मचारियों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा, जिसमें सभी  जांच निशुल्क होंगी का आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा, कर्मचारियों के लिए अलग से स्टैंड की व्यवस्था होगी जहां पर अपना वाहन पार्क कर सकते हैं, इमरजेंसी के होल्डिंग एरिया में डॉक्टर की व्यवस्था होगी, प्राइवेट वार्ड के सामने जो गेट बंद कर दिया गया है, उस गेट को तुरंत खुलवाने, पर्चा काउंटर पर कर्मचारियों के लिए अलग से पर्चा काउंटर बनाने, कैंपस में खुले मैनहोल पर ढक्कन 1 सप्ताह के अंदर लगवा दिए जाने, कैंपस में लगी स्ट्रीट लाइट जो खराब हो गई है 3 दिन के अंदर ठीक कराने के निर्देश भी दिये गये हैं।

इसके अलावा कर्मचारी अनुराग सिंह की पत्नी को उनकी योग्यता के अनुसार अति शीघ्र नौकरी देने तथा परिवार को मिलने वाली अन्‍य सुविधाओं को भी शीघ्र दिये जाने का आश्‍वासन निदेशक द्वारा दिया गया है। मोर्चे के वरिष्ठ उपाध्याय राजेश कुमार श्रीवास्तव ने जांच में किसी प्रकार की ढिलाई न करने तथा दोषी अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की जिस पर निदेशक ने जांच के उपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया।

वार्ता में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा के अलावा मोर्चा के अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष प्रशासन अनिल चौधरी, उपाध्यक्ष राम मनोहर कुशवाहा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ सरिता सक्सेना जेडएमआर संजय  सिंह, जेई विद्युत भी उपस्थित रहे।