बर्फ के साथ रखे कटे अंग के टिश्यू 6 से 8 घन्टे तक रहते हैं जिंदा

पांच घंटे चले ऑपरेशन में एड़ी के ऊपर कटी टांग जोड़ कर कटने से बचा लिया पैर

 

हैल्थसिटी हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जन डॉ वैभव खन्ना की एक और सफलता

लखनऊ। शरीर का वह हिस्सा जहां मांस ‎अपेक्षाकृत कम होता है, उसके कटने पर अगर बर्फ के साथ रखा जाए और जल्दी से जल्दी उपचार मिल जाए तो अंग के फिर से जुड़ने की संभावना काफी रहती है।

डॉ वैभव खन्ना

यह जानकारी गोमती नगर स्थित हेल्थ सिटी हॉस्पिटल के निदेशक एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ वैभव खन्ना ने ने एड़ी के ऊपर से कटे पैर के पुनः जुड़ने के केस के बारे में पूछने पर बताया।

डॉ वैभव खन्ना ने बताया कि कभी भी कोई अंग अगस्त दुर्घटनावश कटता है तो उसे बर्फ के साथ बांध कर डॉक्टर तक लेे आना चाहिए उन्होंने बताया बर्फ में रहने से उसके अंग के टिश्यू जल्दी मरते नहीं है अगर बर्फ के संपर्क में अंग है तो टिश्यू 6 से 8 घंटे तक जिंदा रहते हैं और यदि टिश्यू जिंदा रहते हैं तो अंग को जोड़ने में आसानी रहती है।

दरअसल लखीमपुर के रहने वाले 34 वर्षीय सुखविंदर सिंह बीती 8 अप्रैल को ट्रैक्टर से गिर गया था गिरते ही उसका पैर मशीन में फंस गया था। जिसके चलते एड़ी के ऊपर टांग लगभग अलग हो गई थी। सुखविंदर ने बताया पहले वह जिला अस्पताल गए, वहां से उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके एक परिचित का यहां हेल्थ सिटी में इलाज हुआ था इसलिए मैं सीधा यहीं चला आया। सुखविंदर के परिजन राजवीर सिंह ने बताया कि अब पहले से बहुत आराम है, और सबसे बड़ी बात यह है कि जिस टांग को काटने की नौबत आ रही थी, वह सुरक्षित बच गई हम लोगों के लिए इससे बढ़कर और खुशी की बात क्या हो सकती है।

डॉ वैभव खन्ना ने बताया कि 8 अप्रैल को ही रात 10 बजे मरीज का तुरंत ऑपरेशन शुरू किया गया जो करीब 5 घंटे चला। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान उसके कटे पैर को सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया।

डॉ खन्ना ने बताया अब सेकंड स्टेज के ऑपरेशन में हड्डी जोड़ी जाएगी तथा सबसे बाद में तीसरे ऑपरेशन में मांस लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि लगभग 3 से 4 महीने में मरीज पूरी तरह से चलने लायक हो जाएगा।