-चिकित्सकों और अन्य संसाधनों के समुचित उपयोग के मद्देनजर लिया गया निर्णय

सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए मंडल स्तर पर एक चिकित्सालय पर ही उनका इलाज कराया जाये। ऐसा मरीजों के उपचार में लगे चिकित्सकों एवं अन्य संसाधनों का समुचित सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए किये जाने का निर्णय लिया गया है, इसके लिए मंडलायुक्तों को निर्देश दिये जा रहे हैं।अब तक 37 जिलों से 314 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से 22 मरीज पूरी तरह ठीक हो गये हैं, उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गयी है।
यह जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अब तक 6073 सैम्पल विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे गए जिनमें से 5595 सैम्पल निगेटिव पाये गये हैं। एल-1 के 75, एल-2 के 51 और एल-3 के 6 अस्पतालों को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में चयनित किया गया है। 10 हजार आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है। एसिम्प्टोमैटिक मरीजों को जिनमें स्पष्ट लक्षण नहीं मिले हैं उनको रखने के लिए आवश्यकतानुसार कोविड अस्पताल के पास ही लॉज, गेस्ट हाउस आदि स्थान को भी लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि निर्देश दिये गये हैं कि अलग-अलग जनपदों के कोविड मरीजों की पूलिंग करके मण्डल स्तर पर किसी एक ही चिकित्सालय पर उनका उपचार कराया जाय जिससे मरीजों के उपचार में लगे चिकित्सकों एवं अन्य संसाधनों का समुचित सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इस सम्बंध में मण्डलायुक्तों को निर्देश दिये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लॉक डाउन में मानसिक तनाव व साइको-सोशल काउंसिलिंग के लिए हेल्पलाइन 1800-180-5145 पर 100 व्यक्तियों की टीम के माध्यम से चिकित्सकीय सलाह के अलावा साइकोसोशल काउंसिलिंग भी करायी जा रही है।

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