-गिलियन-बैरे सिंड्रोम, गंभीर निमोनिया एवं सेप्टिक शॉक से ग्रस्त बच्चे का सफल उपचार

सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू में समय पर उपलब्ध कराई गई गहन चिकित्सा एवं विभिन्न विशेषज्ञों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप गिलियन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome), गंभीर निमोनिया एवं सेप्टिक शॉक से ग्रसित 7 वर्षीय बच्चे को ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट में 22 दिनों के गहन उपचार के बाद सफलतापूर्वक स्वस्थ कर घर भेजा गया।
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रेमराज सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे को प्रयागराज से अत्यंत गंभीर अवस्था में ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। भर्ती के समय पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में बेड उपलब्ध नहीं था। बच्चे की गंभीर स्थिति एवं तत्काल जीवनरक्षक उपचार की आवश्यकता को देखते हुए उसे ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती किया गया, जहां तुरंत गहन चिकित्सा एवं वेंटिलेटर सपोर्ट शुरू किया गया।
डॉ. प्रेम राज सिंह, ट्रॉमा CMS के समय पर किए गए प्रयासों एवं समन्वय से बच्चे को क्रिटिकल केयर यूनिट ट्रॉमा सेंटर में आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सका, जबकि उस समय समर्पित पीडियाट्रिक ICU में बेड उपलब्ध नहीं था। बच्चे का उपचार डॉ. जिया अरशद, प्रभारी, ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट, के पर्यवेक्षण में डॉ. राम गोपाल मौर्य एवं पूरी क्रिटिकल केयर टीम द्वारा किया गया। बच्चे की स्थिति गंभीर थी और उसे श्वसन विफलता तथा सेप्टिक शॉक के कारण लंबे समय तक वेंटिलेटर एवं व्यापक गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ी। वह 14 दिनों तक मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रहा।
उन्होंने बताया कि लगातार उपचार, निगरानी एवं समुचित सपोर्टिव केयर के बाद बच्चे की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटाया गया और इसके बाद आवश्यक सपोर्टिव केयर एवं रिहैबिलिटेशन जारी रखा गया। कुल 22 दिनों के ICU उपचार के बाद बच्चा पर्याप्त रूप से स्वस्थ हुआ और उसे अपने परिवार के साथ घर जाने के लिए डिस्चार्ज किया गया।
डॉ. प्रेम राज सिंह ने ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट की मरीजों के प्रति प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “ट्रॉमा क्रिटिकल केयर यूनिट उन सभी मरीजों की सहायता के लिए सदैव तैयार है, जिन्हें तत्काल और जीवनरक्षक गहन चिकित्सा की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि यह यूनिट एक फ्रंटलाइन ICU के रूप में कार्य करते हुए गंभीर एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली क्रिटिकल केयर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से ऐसे मरीज, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, गंभीर रूप से बीमार हैं अथवा जिन्हें तत्काल जीवनरक्षक उपचार की आवश्यकता है, उनकी मदद करना यूनिट की प्राथमिकता है।
यह सफल उपचार न केवल चिकित्सकीय टीम के समर्पण और सामूहिक प्रयास का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समय पर उपलब्ध गहन चिकित्सा, संसाधनों का उचित उपयोग और टीमवर्क गंभीर रूप से बीमार मरीजों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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