Wednesday , July 17 2024

मुख्यमंत्री ने कहा, कुकरैल नदी के आसपास के निजी मकानों को तोड़ने की कोई योजना नहीं

-निजी मकानों पर चिह्नीकरण का कोई औचित्य नहीं था, ऐसा करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी

-योगी ने मिलने पहुंचे प्रभावित परिवारों को दिया स्पष्ट आश्वासन, अधिकारियों को भी लोगों का भ्रम दूर करने निर्देश

-प्रसन्नचित परिवारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया, योगी के समर्थन में की नारेबाजी

योगी आदित्यनाथ

सेहत टाइम्स

लखनऊ। कुकरैल नदी पुनर्जीवन परियोजना से प्रभावित परिवार निश्चिंत रहें। निजी मकानों पर चिह्नीकरण का कोई औचित्य नहीं था, ऐसा करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी। फ्लड प्लेन जोन चिह्नीकरण के दौरान भवन/निर्माणों पर लगाए गए संकेतों को मिटाने के आदेश दिए गए हैं। पंतनगर, इंद्रप्रस्थनगर एवं रहीमनगर में बने घरों को तोड़े जाने की योजना सम्बन्धी खबरों को भ्रामक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया है वहां निवासरत लोगों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निजी भूमियों में बने निजी भवनों के ध्वस्तीकरण का कोई विषय विचाराधीन नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि तत्काल क्षेत्र में विजिट करें, लोगों से मिलें और उनका भय और भ्रम दूर करें।

योगी आदित्यनाथ ने यह आश्वासन मंगलवार को अपने आवास पर पहुंचे इन क्षेत्रों के प्रभावित परिवारों के साथ हुई वार्ता में दिया। उन्होंने किया कि संबंधित प्रकरण में एनजीटी के आदेशों के क्रम में नदी के फ्लड प्लेन जोन का चिन्हांकन किया गया है। इस फ्लड प्लेन ज़ोन में निजी भूमि भी सम्मिलित है, लेकिन निजी भूमि को खाली कराने की न तो वर्तमान में कोई आवश्यकता है और न ही कोई प्रस्ताव है। इस प्रकार मुख्यमंत्री ने बीते एक माह से अपने सपनों के घर को तोड़े जाने की खबरों से परेशान पंतनगर, इन्द्रप्रस्थनगर एवं रहीमनगर आदि क्षेत्रों के लोगों की समस्या का समाधान कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंतनगर हो या इंद्रप्रस्थ नगर, वहां निवासरत लोगों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निजी भूमियों में बने निजी भवनों के ध्वस्तीकरण का कोई विषय विचाराधीन नहीं है। फ्लड प्लेन जोन के अंतर्गत NMCG की अनुमति के बिना भविष्य में कोई नया निर्माण नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उक्त क्षेत्र में साफ-सफाई व जनसुविधाओं के विकास के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद प्रसन्नचित परिवारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और ‘योगी हैं तो यकीन है’ के नारे भी लगाए।

बता दें कि कुकरैल नदी को प्रदूषण मुक्त एवं पुर्नजीवित करने के सम्बन्ध में सिंचाई विभाग द्वारा विगत दिनों एनजीटी के आदेशों के क्रम में नदी के फ्लड प्लेन जोन का चिन्हांकन किया गया है। नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा (NMCG) की अधिसूचना-2016 के क्रम में उक्त कार्यवाही की जा रही है। कुकरैल नदी के दो प्लेन चिन्हित किये गये हैं। पहला, नदी तल और दूसरा फ्लड प्लेन जोन। रिवर बेड लगभग 35 मीटर चौड़ाई में तथा फ्लड प्लेन जोन नदी किनारे से 50 मीटर तक सिंचाई विभाग द्वारा चिन्हित किया गया है। कतिपय व्यक्तियों द्वारा फ्लड प्लेन जोन के चिन्हांकन के सम्बन्ध में कई मिथ्या तथ्यों को प्रचारित किया जा रहा था, जिसे लेकर स्थानीय जनता में भय और भ्रम का माहौल था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.