दवा के सेवन में बदलाव जिससे जड़ से ख़त्म हो टीबी

 

पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत नए रोगियों को नयी विधि से दी जाएगी खुराक

 

लखनऊ. भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तर प्रदेश में भी आज यानी 30 अक्टूबर  से चिकित्सालयों में आने वाले क्षय रोगियों को अब सप्ताह में तीन दिन की खुराक के स्थान पर रोजाना दवा दी जायेगी। सरकार के इस कदम से प्रदेश के लगभग 2.5 लाख नये सम्भावित रोगी, जोकि देश के समस्त क्षय रोगियों का 20 प्रतिशत है, को लाभ होगा। यह कदम निजी क्षेत्र के साथ मिलकर वर्ष 2025 तक क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने में सहायक साबित होगा।

यह जानकारी प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने आज जनपथ सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं विशेष समितियों द्वारा भी इसकी संस्तुति की गयी है। क्षय रोगियों को रोजाना खुराक देने से क्षय रोग बीमारी की पुनरावृत्ति होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाने की आशा है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि आज से भारत सरकार द्वारा पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत समस्त नये क्षय रोगियों को रोजना खुराक देने की शुरूआत की गयी है। इस संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की सचिव प्रीती सुदान द्वारा देश के समस्त प्रमुख सचिवों/सचिवों, मिशन निदेशक एवं राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारियों के साथ वीडियों कान्फ्रेन्सिंग भी की गयी है। नई योजना अन्तर्गत अब यह दवा रोज दी जायेगी, इससे रोगी को कम गोलियों का सेवन करना पड़ेगा। पूर्व में प्रत्येक रोगी को सप्ताह में तीन दिन में 7 गोलियाँ लेनी होती थी।

श्री त्रिवेदी ने बताया प्रदेश के समस्त जनपदों में रोजना खुराक की दवायें उपलब्ध करा दी गयी है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है। पूर्व की भांति यह दवा भी समस्त क्षय रोगियों को निःशुल्क प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार समस्त रोगियों का पंजीकरण ‘‘निक्क्षय’’ पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा।