ब्‍लैकमेल करके डॉक्‍टर से वसूले 36 हजार, दोबारा पहुंचे तो पुलिस ने किया गिरफ्तार

एक पुरुष और एक लड़की पहुंचे थे नर्सिंग होम, खुद को बताया मीडिया कर्मी

घटना को लेकर आईएमए ने जताया रोष, मेडिकल प्रोटेक्‍शन एक्‍ट लागू करने की मांग

 

लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की वरिष्‍ठ सदस्‍य डॉ रमा श्रीवास्तव ने FIR दर्ज कराई है कि दो व्यक्तियों ने मीडिया कर्मी बनकर उनको ब्लैकमेल करने की कोशिश की और 6 लाख रुपए की मांग की, उनकी शिकायत पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया और जब दोबारा दोनों लोग डॉ रमा श्रीवास्तव के पास रुपए लेने आए तो पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया।

 

इस बारे में आईएमए भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टर रमा श्रीवास्तव ने घटना के बारे में बताया कि बीते 28 मार्च को इन्दिरा नगर स्थित उनके नर्सिंग होम ज्‍वाला नर्सिंग होम पर एक पुरुष और एक लड़की उनके पास आए। डॉ रमा ने बताया कि लड़की ने  खुद को एक न्यूज चैनल का पत्रकार बताते हुए कहा कि उसने उनका स्टिंग ऑपरेशन करके वीडियो तैयार किया है, वीडियों उसके पास है, और वीडियो अगर लोगों के बीच गया तो उनकी बहुत बदनामी होगी, अगर वह चाहती हैं कि वीडियो लोगों के बीच में न जाए तो उसे 6 लाख रुपये दे दें। डॉक्टर रमा श्रीवास्तव ने बताया इसके बाद कि उस लड़की के साथ आए पुरुष ने खुद को डॉक्टर का हितैषी जताते हुए लड़की को सीनियर जर्नलिस्‍ट बताते हुए कहा कि रुपए देकर मामला रफा-दफा कर दीजिये।

 

डॉ रमा ने बताया कि जब उन्होंने उनसे कहा कि मेरे पास 6 लाख रुपये नहीं है तो उन्होंने कहा कि 3 लाख ही दे दें वरना मैं इस वीडियो को दूसरे चैनलों पर बेचकर लाखों कमा लूंगी। तीन लाख देने से भी इनकार करने पर उन लोगों ने कहा कि अभी एक लाख दे दीजिये फि‍र बाकी बाद में बैंक से निकाल कर दे दीजियेगा। डॉ रमा ने बताया कि वह इतना डर गयी थीं कि उन्‍होंने उन दोनों से कहा कि आप लोग मेज की दराज चेक कर लें मेरे पास पैसे नहीं हैं। डॉ रमा ने बताया कि इसके बाद उन दोनों ने उनका पर्स चेक किया तथा उसमें उन्‍हें 36 हजार 400 रुपये मिले, जिसमें से 36 हजार रुपये लेकर 400 रुपये डॉक्‍टर को वापस कर दिये। उन दोनों ने कहा कि वह बाद में फि‍र आयेंगे तथा बाकी रुपये का इंतजाम कर लीजिये। डॉ रमा ने बताया कि इसके बाद उन्‍होंने पुलिस को पूरी बात बतायी।

 

डॉ रमा ने बताया कि इसके बाद अगले दिन 29 मार्च को फि‍र से फोन आया और पैसे के बारे में पूछा। उन्‍होंने बताया कि इस पर उन्‍होंने कहा कि मुझे वीडियो तो दिखाइये कि आखिर उसमें ऐसा क्‍या है। उन्‍होंने बताया कि  उन्‍होंने बताया कि इसके बाद अगले दिन यानी 30 मार्च को दोनों लोग उनके पास पहुंचे और वीडियो दिखाया उन्‍होंने बताया कि वीडियो में कुछ भी ऐसा नहीं था। डॉ रमा श्रीवास्‍तव ने बताया कि इसी बीच पुलिस और दूसरी टीम सादी वर्दी में मेरे नर्सिंग होम में पहुंच गयी और दोनों को गिरफ़तार कर लिया।

 

पत्रकार वार्ता में मौजूद आईएमए लखनऊ के सचिव डॉ जेडी रावत, उपाध्‍यक्ष डॉ मनोज कुमार अस्‍थाना, आईएमए उत्‍तर प्रदेश के इलेक्‍ट प्रेसीडेंट डॉ एएम खान, आईएमए लखनऊ के इलेक्‍ट प्रेसीडेंट डॉ जीपी सिंह, लखनऊ नर्सिंग होम के सचिव डॉ अनूप अग्रवाल ने घटना पर रोष व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि डॉ रमा श्रीवास्तव के साथ हुई घटना की हम घोर निंदा करते हैं और इस तरह की घटना कहीं न कहीं होती रहती है सरकार को चाहिये कि वह मेडिकल प्रोटेक्‍शन एक्‍ट लागू करे। डॉ खान ने कहा कि अब बहुत हो गया हम लड़ेंगे, बर्दाश्‍त नहीं करेंगे, और अगर सरकार ने ध्‍यान नहीं दिया तो हम काम बंद कर देंगे।