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सांस के सभी रोगियों को राहत मिलना तय : पल्मोनरी पैलेटिव केयर की सुविधा देने वाला यूपी का पहला सेंटर बना केजीएमयू

-कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को दीं शुभकामनाएं

-सांस के गंभीर एवं पुराने रोगियों के लिए पल्मोनरी पैलेटिव केयर एक वरदान : डॉ. सूर्यकान्त

-रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में पल्मोनरी पैलेटिव केयर पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

सेहत टाइम्स

लखनऊ। केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन डिपार्टमेंट में उत्तर प्रदेश का पहला पल्मोनरी पैलेटिव केयर सेंटर बनाया गया है। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने इस पहल की सराहना करते हुए रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को शुभकामनाएं दी हैं। यह जानकारी केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में शुक्रवार 17 मई को पल्मोनरी पैलेटिव केयर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान विभाग के अध्यक्ष प्रो. सूर्यकान्त ने दी।

जब सभी कोशिशें होती हैं नाकाम, तब पैलेटिव केयर आता है काम

इस अवसर पर डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि श्वसन के गंभीर एवं पुराने रोगियों के लिए पल्मोनरी पैलेटिव केयर एक वरदान है। जब कोई ऐसा रोगी हमारे पास आता है, तो हमारा पहला उद्देश्य उसका इलाज करने का होता है, दूसरा उद्देश्य उसके रोग के लक्षणों पर नियंत्रण स्थापित करना, तीसरा मरीज को रोग से राहत दिलाना, चौथा उसके रोग की तीव्रता पर काबू पाना और अगर इसको रोक पाने में असमर्थता होती है तो यहाँ पर शुरू होती है पल्मोनरी पैलेटिव केयर। डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि पल्मोनरी पैलेटिव केयर एक बहुआयामी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें सूक्ष्म व्यायाम, योग, प्राणायाम, दर्द का उपचार, काउंसलिंग, आहार, मानवीय संवेदना, ऑक्सीजन नेबुलाइजेशन तथा अन्य सहायक चिकित्सा पद्धति समावेशित है ।

मरीज के साथ परिवार की भी तकलीफ का ध्यान रखना जरूरी : डॉ. श्रीदेवी वारियर

इस अवसर पर पैलियम इण्डिया की अध्यक्ष तथा कार्डिफ़ यूनिवर्सिटी यूनाइटेड किंगडम की प्रोफेसर डॉ. श्रीदेवी वारियर बताया कि रोगी के रोग के इलाज के साथ-साथ उसकी तथा उसके परिवार की तकलीफ का निदान भी किया जाना चाहिए। रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रो. (डॉ.) अंकित कुमार ने पल्मोनरी पैलेटिव केयर की आवश्यकता तथा उसकी जटिलताओं के बारे में समझाया। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने आईएलडी बीमारी में पैलेटिव केयर की महत्ता को व्यक्त किया। रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में स्थापित पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेन्टर के कार्डियो रेस्पिरेटरी फिज़ियोथेरेपिस्ट डॉ. शिवम श्रीवास्तव ने पल्मोनरी पैलेटिव केयर में फिज़ियोथेरेपी एवं व्यायाम के महत्व पर प्रकाश डाला। ज्ञात हो कि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में उत्तर प्रदेश का पहला सेंटर पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन केंद्र बनाया गया है, जहां श्वसन रोगियों के लिए मुफ्त में पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही हैl

इस आयोजन में इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरक्लोसिस एंड लंग डिजीजेस की डॉ. मीरा के साथ-साथ रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. आर. ए. एस. कुशवाहा, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. आनन्द श्रीवास्तव, डॉ. अजय कुमार वर्मा एवं विभाग के सभी रेजिडेंट, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेंटर की टीम की उपस्थित रही। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानों के इसके करीब 100 प्रतिभागियों के साथ-साथ 200 से अधिक ऑनलाइन प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को मतदान अवश्य करने की शपथ दिलाई गई।

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