ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में दवा व्‍यापारियों का भारत बंद 28 सितम्‍बर को

*पहले एक सप्‍ताह काले झंडे व काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध प्रदर्शन

*सभी राज्‍यों के पदाधिकारियों ने लिया निर्णय, सरकार की यह मंशा सफल न होने देने का ऐलान

 

मुम्बुई में हुई बैठक में सम्बोेधित करते CDFUP के महासचिव सुरेश गुप्ता.

लखनऊ। सरकार की ऑनलाइन यानी ई फार्मेसी और अन्‍य समस्‍याओं को लेकर दवा व्‍यापारी ने व्‍यापक आंदोलन की घोषणा की गयी है। इसके तहत दवा विक्रेता काले झंडे व काली पट्टी बांधकर एक सप्‍ताह विरोध प्रदर्शन करने के बाद 28 सितम्‍बर को भारत बंद करने की घोषणा की है।

 

यह निर्णय बुधवार को मुंबई में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एवं ड्रगिस्‍ट  (AIOCD) के पदाधिकारियों व सभी संबद्ध राज्य इकाइयों के अध्यक्ष/महासचिव की बैठक में लिया गया। बैठक में लिये गये निर्णय की जानकारी देते हुए केमिस्ट एवं ड्रग्गिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश (CDFUP). के महासचिव सुरेश गुप्‍ता ने बताया है कि बैठक में ऑनलाइन फार्मेसी (E Pharmacy) तथा प्रमुख विषयों पर गंभीर चर्चा व निर्णय लिया गया।

 

भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन फार्मेसी (E Pharmacy) के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिस पर तय समय में अपने सुझाव व आपत्ति दर्ज करानी है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध किया जाएगा तथा इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा तथा ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के संदर्भ में आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।

 

उन्‍होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, आसाम, पश्चिम बंगाल आदि राज्यो में फार्मासिस्ट की जटिल समस्या व राज्य सरकारो द्वारा दवा विक्रेताओं के खिलाफ जारी की जा रही दमनकारी नीतियों के खिलाफ भी आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।

 

आंदोलन के तहत 20 से 27 सितंबर तक देश के सभी दवा विक्रेता काले झंडे व काली पट्टी बांध कर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन व अन्य समस्यायों के खिलाफ विरोध प्रकट करेंगे। इसी क्रम में 28 सितंबर को ऑनलाइन फार्मेसी व अन्य समस्यायों के खिलाफ भारत बंद का निर्णय लिया गया।

 

उत्तर प्रदेश राज्य में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा नए नियम बनाने का प्रयास किया जा रहा जो ड्रग एवं कास्मेटिक अधिनियम 1945 के नियम के विरूद्ध है तथा दवा कानून के विपरित नए नियम बनाकर दवा विक्रेताओं का उत्पीड़न व शोषण करने का प्रयास कर रही है।

 

इस संदर्भ मे FDA के आयुक्त व अधिकारियों से गंभीर वार्ता हुई जिसमें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया, मगर जब तक इस प्रकार के दमनकारी नीतियों को पूर्ण रूप से बंद नहीं किया जाता, प्रदेश संगढ़न CDFUP तथा दवा विक्रेताओं द्वारा विरोध जारी रहेगा।

 

सुरेश गुप्‍ता ने व्‍यापारियों से कहा है कि सभी संबद्ध जिला इकाई को भारत बंद के संदर्भ में समस्त अभिलेख, पोस्टर-बैनर के मैटर आदि, अविलंब भेज दिया जाएगा। अभिलेख प्राप्त होने के पश्चात आप सभी संबद्ध जिला इकाई प्रेस कांफ्रेंस करके भारत बंद व इस संदर्भ की सभी सूचना प्रेस में जारी करे। उन्‍होंने जिले के सभी दवा विक्रेताओं से संपर्क करके समस्या के प्रति जागरूक करें तथा भारत बंद को सफल बनाने के लिए अथक प्रयास करें। उन्‍होंने कहा कि एसोसिएशन  वर्तमान में आ रही समस्या के समाधान को सफल करके ही दम लेगी।

 

भारत बंद को सफल बनाने की अपील करते हुए उन्‍होंने कहा कि हम लोग प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा दवा विक्रेताओं के खिलाफ बनयी जा रहीं नीतियों को सफल नहीं होने देगी।