शरीर के साथ-साथ देश की प्रगति में भी बाधक हैं मदिरा और मादक पदार्थ

स्‍वास्‍थ्‍य प्रबोधन कार्यक्रम में युवा सामाजिक कार्यकत्री बिट्स पिलानी की छात्रा शुभि‍ जैन ने कहा

लखनऊ। मदिरा हो या मादक पदार्थ, ये न सिर्फ शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि ये देश की प्रगति में भी बाधक हैं। यह बात आज यहां केजीएमयू के कलाम सेंटर में केजीएमयू इंस्टिट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेस द्वारा आयोजित स्‍वास्‍थ्‍य प्रबोधन कार्यक्रम में युवा सामाजिक कार्यकत्री बिट्स पिलानी की छात्रा शुभि‍ जैन ने कही।

 

मादक पदार्थ एवं उससे होने वाले नुकसान के ऊपर पैरामेडिकल के विद्यार्थियों के साथ चर्चा में उन्‍होंने कहा कि मादक पदार्थ एवं मदिरा का सेवन करने से देश की प्रगति में रुकावट पैदा होता है। मदिरा तंबाकू एवं मादक पदार्थों के बिक्री से जितने राजस्व की प्राप्ति होती है उससे कहीं ज्यादा राजस्व ऐसे उत्पादों के सेवन करने से होने वाली बीमारियों आदि पर खर्च हो जाता है।

 

शुभि ने कहा कि भारत की आबादी एक युवा आबादी है, इसलिए भारत के युवाओं को मादक पदार्थों एवं मदिरा के सेवन से बचना होगा  तभी इस देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाया जा सकेगा। मादक पदार्थों से सामाजिक बुराइयां, घरेलू हिंसा एवं अपराध भी बढ़ता है। युवाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जरूरत है हमे मादक पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए यदि हम में से प्रत्येक व्यक्ति किसी दूसरे की मदिरा एवं मादक पदार्थों के सेवन की लत को छुड़ा सके तो देश हित में यह बहुत बड़ा योगदान होगा।