-केजीएमयू में आयोजित हुआ ट्रॉमा इवैल्यूएशन एंड मैनेजमेंट कोर्स
-अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स व कमेटी ऑन ट्रॉमा के सहयोग से आयोजन
-नैदानिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार पर जोर दिया कुलपति ने

सेहत टाइम्स
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ट्रॉमा सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा आपात स्थितियों और आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम कुशल चिकित्सक तैयार किए जाने की दिशा में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) ने सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किल डेवलपमेंट में अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स (ACS) तथा उसकी कमेटी ऑन ट्रॉमा (ACS-COT) के तत्वावधान में द्वितीय ट्रॉमा इवैल्यूएशन एंड मैनेजमेंट (TEAM) कोर्स का सफल आयोजन किया। उत्तर प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजेस में पहली बार यह कोर्स आयोजित किया गया है।
यह कोर्स प्रो. समीर मिश्रा एवं प्रो. डी. एन. उपाध्याय, फैकल्टी इंचार्ज, सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किल डेवलपमेंट के अकादमिक नेतृत्व में आयोजित हुआ तथा इसका संचालन डॉ. वैभव जायसवाल, एडिशनल प्रोफेसर, ट्रॉमा सर्जरी एवं कोर्स डायरेक्टर ने किया। KGMU देश के उन चुनिंदा केंद्रों में शामिल है जहाँ यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। बहुविषयक फैकल्टी में प्रो. समीर मिश्रा, डॉ. वैभव जायसवाल, डॉ. सौम्या सिंह, डॉ. यदवेंद्र धीर, डॉ. मदन मिश्रा, डॉ. (कर्नल) आनंद कटियार, डॉ. शशि एवं डॉ. अर्पिता शामिल रहे। कार्यक्रम में KGMU और कमांड हॉस्पिटल के विशेषज्ञों की सहभागिता रही।
बताया गया है कि KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने युवा चिकित्सकों से संवाद किया तथा उन्हें नैदानिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रेरित किया। उनकी परिकल्पना का प्रमुख उद्देश्य भावी चिकित्सकों में प्रभावी ट्रॉमा प्रबंधन की दक्षता विकसित करना है, जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में ट्रॉमा सेवाओं को विकसित एवं सुदृढ़ करने के प्रयासों के अनुरूप है।
अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और सैन्य–नागरिक सहयोग
डॉ. वैभव जायसवाल की पहल से ACS-COT का TEAM कोर्स KGMU में आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागी चिकित्सकों, मेडिकल विद्यार्थियों एवं इंटर्न को पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उद्घाटन संबोधन अमेरिका के प्रसिद्ध ट्रॉमा सर्जन डॉ. मयूर नारायण ने वर्चुअल माध्यम से दिया। आर्मी मेडिकल कोर एवं कमांड हॉस्पिटल के साथ सहयोग ने सैन्य और नागरिक चिकित्सा विशेषज्ञता के समन्वय का महत्व रेखांकित किया। इसका उद्देश्य भावी चिकित्सकों को ट्रॉमा आपात स्थितियों, सामूहिक दुर्घटनाओं और आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करना है।
भावी चिकित्सकों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम में संवादात्मक व्याख्यान, केंद्रित समूह-चर्चा, सिमुलेशन आधारित ट्रॉमा परिदृश्य, व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण तथा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) पर आधारित मूल्यांकन शामिल रहे। प्रशिक्षण का विशेष जोर व्यवस्थित रोगी-मूल्यांकन और समय पर चिकित्सकीय निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर रहा।

Sehat Times | सेहत टाइम्स Health news and updates | Sehat Times