-टीबी उन्मूलन के लिए केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में मनाया गया प्रथम नि:क्षय दिवस

सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ सूर्यकान्त ने बताया कि वर्ष 2025 तक देश को टी.बी. से मुक्त करना है। उ0प्र0 के टी.बी. उन्मूलन की स्टेट टास्क फोर्स के चेयरमेन डॉ सूर्यकान्त ने बताया कि टी.बी. रोगियों को गुणवत्तापरक उपचार देकर पूर्ण स्वस्थ करने के लिए उ0प्र0 के सभी जनपदों के जिला अस्पतालों, नगरीय एवं समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और हेल्थ एवं वेलनेस सेन्टरों पर हर माह की 15 तारीख को निःक्षय दिवस मनाने का आदेश उ0प्र0 के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया है, इसी क्रम में आज 15 दिसम्बर को केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में प्रथम टी.बी. दिवस (निःक्षय दिवस) मनाया गया। टी.बी. दिवस पर विभाग की ओपीडी में आये एवं भर्ती मरीजों उनके तीमारदारों को टी.बी.की बीमारी के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर डा0 सूर्यकान्त ने लोगों को बताया कि दुनिया में प्रतिवर्ष एक करोड़ टी.बी. के नये रोगी होते हैं, जिनमें से 28 लाख भारत के होते है तथा इनमें ये उ0प्र0 में लगभग 5 लाख होते हैं। इस तरह दुनिया में टी.बी. का हर चौथा रोगी भारतीय और भारत का हर पांचवा टी.बी. रोगी उ0प्र0 का होता है। भारत से टी.बी. समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री ने 2025 का लक्ष्य रखा है, 9 सितम्बर 2022 को राष्ट्रपति ने ’’टी.बी. मुक्त भारत अभियान’’ प्रारम्भ किया है। डॉ सूर्यकान्त ने बताया कि उ0प्र0 की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल द्वारा टी.बी. रोगियों को गोद लेने का कार्यक्रम उ0प्र0 में पहली बार प्रारम्भ किया गया था, जो अब एक राष्ट्रीय कार्यक्रम बन चुका है।
इस कार्यक्रम में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ संतोष कुमार, डॉ अजय कुमार वर्मा, डॉ अंकित कुमार, डॉ ज्योति बाजपेई, रेजिडेंट डॉक्टर्स, स्टाफ नर्स, डॉट्स एवं डॉट्स प्लस के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
