281वां वांग्मय साहित्य रजत स्कूल में स्थापित, इस वर्ष का लक्ष्य 20 कदम दूर

 

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत रजत पब्लिक स्कूल इण्टर कालेज अलियापुर अम्बेडकरनगर उप्र के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 70 खण्डों का वांग्मय साहित्य स्थापित किया गया।

यह जानकारी देते हुए गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट के चीफ मैनेजिंग ट्रस्टी उमानंद शर्मा ने बताया कि यह वांग्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गायत्री ज्ञान मंदिर इन्दिरा नगर की सक्रिय कार्यकर्ता श्रीमती मालती वर्मा ने अपने स्व0 पति वीरेन्द्र वर्मा की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को भेंट किया।साथ-साथ सभी छात्र-छात्राओं को विद्यार्थी जीवन से जुड़ा हुआ सफल जीवन की दिशाधारा नामक पॉकेट बुक भी छात्र-छात्राओं को दिया गया।

इस अवसर पर वांग्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘‘मानवीय मूल्य एवं व्यावसायिक नैतिकता के लिए सद्ज्ञान यज्ञ जरूरी है।’’और कहा कि यह 281 वां साहित्य है. इस वर्ष के अन्त तक 301 पुस्तकालयों में ऋषि वाङ्मय का लक्ष्य निर्धारित है। इस अवसर पर सर्वश्री डॉ. नरेन्द्र देव, उदयभान सिंह भदौरिया, उमानन्द शर्मा संस्थान के प्रधानाचार्या एवं संस्थान के चेयरमैन डॉ. आरजे  सिंह रजत छात्र-छात्रायें मौजूद थे।