280 वां वांग्मय साहित्य रजत इंस्टीट्यूट में स्थापित

 

301 स्थानों पर वांग्मय साहित्य स्थापित करने के लक्ष्य से गायत्री परिवार 21 कदम दूर

 

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत रजत डिग्री कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन एण्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट सईदपुर अम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 70 खण्डों का वांग्मय साहित्य स्थापित किया गया.

 

यह वांग्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गायत्री ज्ञान मंदिर इन्दिरा नगर के सक्रिय कार्यकर्ता प्रकाश राजपूत ने संस्थान के पुस्तकालय को भेंट किया.

इस अवसर पर वांग्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्ञान यज्ञ इस युग की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि  यह 280वां साहित्य है तथा इस वर्ष के अन्त तक 301 पुस्तकालयों में ऋषि वांग्मय साहित्य स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित है। इस अवसर पर अनिल भटनागर, उदयभान सिंह भदौरिया संस्थान के प्रधानाचार्या एवं संस्थान के चेयरमैन डॉ. आरजे सिंह रजत छात्र-छात्रायें मौजूद थे.