केजीएमयू परिसर में महिला से गैंगरेप

आरोपी तीनों कर्मचारी संविदा पर थे तैनात

दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, एक फरार

आरोपी कर्मचारियों को तैनात करने वाली दो कार्यदायी संस्थाएं ब्लैक लिस्टेड

लखनऊ।  किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय केजीएमयू में तीमारदार महिला के साथ गैंगरेप हो गया। घटना में शामिल संविदा पर कार्यरत तीनों आरोपी कर्मचारियों में दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक अभी भी फरार है। कुलपति द्वारा इन कर्मचारियों को तैनात करने वाली कार्यदायी संस्था मिश्रा सिक्योरिटी एवं पैंथर्स को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्णय लिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार शताब्दी अस्पताल फेज 2 में तैनात संविदा पर कार्यरत लिफ्टमैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर हरदोई से अपने पति का इलाज कराने आयी महिला के साथ गैंगरेप किया। बताया जाता है कि हरदोई के रहने वाले एक व्यक्ति की सर्वाइकल डिस्क की सर्जरी जनवरी 2017 में हुई थी। इसके बाद से उनका यहां अस्पताल में दिखाने के लिए आना-जाना लगा रहता है। बुधवार को भी मरीज अपनी पत्नी के साथ यहां शताब्दी अस्पताल में दिखाने आया था। उसे पता चला कि डॉ क्षितिज श्रीवास्तव जिनकी ओपीडी गुरुवार को होती है, इसलिए वे लोग वहीं अस्पताल के परिसर में ही रुक गये।

भोजन देने के बहाने ले गया हॉल में

केजीएमयू की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार उपचार एवं परामर्श के लिए पूर्व में कई बार चिकित्सालय परिसर में आने की वजह से उनकी यहां के कार्यदायी संस्था के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों से दोस्ती हो गयी थी। गत रात्रि मे 10 बजे के उपरांत सुरक्षा कर्मी शिवकुमार ने जिनसे कि उनका पुराना परिचय भी था, उन्हे भोजन देने के बहाने शताब्दी अस्पताल परिसर में ले गया तत्पश्चात चूंकि मरीज चलने में असमर्थ था अत: उक्त सुरक्षाकर्मी ने उनकी पत्नी को भोजन देने के नाम पर लिफ्ट द्वारा सबसे उपर के हाल में ले गया और वहां पर उसके कुछ साथी लिफ्ट संचालक विनय एवं सुरक्षा कर्मी संतोष, जिनकी ड्यूटी समाप्त हो चुकी थी वह भी वहां मिल गए। तत्पश्चात शिवकुमार वापस आकर मरीज के पास बैठ गया। कुछ देर पश्चात मरीज की पत्नी शोर मचाते हुए आयी और उन्होंने अपने पति को विनय और संतोष द्वारा जबरदस्ती किये जाने की बात बताई। उक्त घटना की जानकारी मरीज ने चिकित्सा विश्वविद्यालय के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को नहीं दी वरन् पुलिस को सूचना दे दी। प्रात: 7:00 बजे पुलिस ने इस मामले में आरोपी शिवकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया एवं उक्त घटना में सम्मिलित दो अन्य आरोपियों में संतोष भी शाम तक पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया।
प्रात: 9:30 बजे कुलपति को उक्त घटना की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं कुलानुशासक द्वारा दी गई। कुलपति  ने घटनास्थल पर जाकर चिकित्सा अधीक्षक, शताब्दीआस्पताल डॉ बीके ओझा से घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और डॉ. ओझा एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को चौक कोतवाली जाकर अभियुक्त शिवकुमार तथा कोतवाली के पुलिसकर्मियों से घटना की पूरी जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया।