दांतों की उचित सफाई न करना भी हो सकता है कैंसर का कारण

अतिविशिष्ट कैंसर संस्थान एवं अस्पताल में भी मनाया गया विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

लखनऊ। अतिविशिष्ट कैंसर संस्थान एवं अस्पताल में आज विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कैंसर की जागरूकता के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया, साथ ही संगोष्ठी आयोजित की गयी।
समारोह में मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक व केजीएमयू के कुलपति प्रो.एमएलबी भट्ट ने उपस्थित लोगों को तम्बाकू से होने वाले कैंसर तथा अन्य नुकसान के बारे में जानकारी दी तथा तम्बाकू छोडऩे और दूसरों को छुड़वाने में मदद करने की शपथ दिलायी। उन्होंने कहा कि तम्बाकू के सेवन से मुख और गले का कैंसर, भोजन नली, गले का कैंसर, फेफड़े व पेट के कैंसर देखे जाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को मुख और गले के कैंसर के मुख्य कारणों एवं इसके लक्षणों के बारे में बताया गया।

मुख और गले के कैंसर के मुख्य कारण

-पान मसाला, गुटखा, तम्बाकू, सिगरेट आदि का सेवन
-मदिरा का सेवन
-दांतों की उचित सफाई व देखभाल न करना

लक्षण

-मुंह कम खुलना
-सफेद चकत्ते
-भूरे चकत्ते
-लाल चकत्ते
-15 दिन से ज्यादा मुंह में कोई घाव, गांठ जो ठीक न हो रहा हो
-खाना निगलने और सांस लेने में कठिनाई होना
-मुंह से खून आना
-आवाज में अचानक भारीपन व बदलाव
-गर्दन में गिल्टियां होना

इस संगोष्ठी में कैंसर विशेषज्ञ संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ देशपाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ एचएस पाहवा, डॉ पारुल जैन, डॉ शरद सिंह, डॉ सबुही कुरैशी और डॉ प्रमोद कुमार गुप्ता ने जनसामान्य को तम्बाकूजनित रोगों और कैंसर के बारे में जागरूक किया।