केेजीएमयू में अब दवा संग संगीत से भी चिकित्सा

रेसपिरेटरी विभाग में संगीत चिकित्सा का उद्घाटन करते कुलपति प्रो.एमएलबी भट्ट।

लखनऊ।  किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू के इतिहास में पहली बार रोगीयों के वार्ड में म्यूजिक थेरेपी को अधार मान कर रेसपिरेटरी मेडिसिन विभाग के वार्ड में संगीत चिकित्सा प्रणाली का उद्घाटन किया गया।

रेसपिरेटरी विभाग में संगीत चिकित्सा का उद्घाटन

वैज्ञानिक शोध में यह सिद्ध किया जा चुका हैं कि ऐसे रोगी या जो रोगी गम्भीर हैं, उसके उपचार में संगीत चिकित्सा का अत्यधिक उपयोग रहा हैं। केजीएमयू के रेसपिरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. सुर्यकान्त ने बताया कि इतिहास में पहली बार संगीत चिकित्सा का उदघाटन विभाग के एनटीडब्ल्यू वार्ड में किया गया। उद्घाटन करते हुए कहा कि रेसपिरेटरी मेडिसिन में यह एक अभिनव प्रयोग हैं और केजीएमयू के अन्य विभागो में किया जायगा। इस अवसर पर कुलपति ने डॉ. सूर्यकान्त की सराहना की, तथा विभाग में सभी को बधाई देते हुए अन्य विभागों में इस अभिनव प्रयोग में सहयोग देने का वादा किया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा डॉ. एसएन संखवार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय कुमार तथा विभाग के अन्य चिकित्सक डॉ. आरएएस कुशवाहा, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. आनन्द श्रीवास्तव, डॉ. सन्तोष कुमार तथा डॉ0 दर्शन बजाज उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलपति का स्वागत डॉ सूर्यकान्त ने एक पौधा दे कर किया। कुलपति ने इस सम्मान को लेते हुए प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्यवारण की सुरक्षा के लिए यह प्रयोग अति लाभकारी हैं। पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए आगे भी ऐसे प्रयोजन का प्रयोग किया जाना चाहिए।