रात में होम विजिट करने से डॉक्टरों का इनकार

7.50 लाख दिये व 52.50 लाख और देने के वादे के बाद छूटा चिकित्सक

अमृतसर/लखनऊ।  पंजाब के अमृतसर शहर में एक प्राइवेट हॉस्पिटल चलाने वाले एक चिकित्सक का बदमाशों ने रास्ते से बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने चार घंटे में ही फिलहाल 7.50 लाख रुपये की फिरौती लेकर इस शर्त पर छोड़ा है कि शेष 52.50 लाख रुपये का इंतजाम दो दिन में कर के दे दें वरना परिवार के साथ कुछ भी किया जा सकता है। इस बीच चिकित्सक के साथ हुई वारदात के बाद चिकित्सकों ने रात के समय इमरजेंसी में मरीज को देखने घर जाने से इनकार करना शुरू कर दिया है। उन्होंने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की मांग की है।

अमृतसर में कुख्यात गैंग्स्टर्स ने रास्ते से किया डॉक्टर का अपहरण

यह जानकारी पुलिस द्वारा दी गयी है। नाभा जेल तोडऩे के आरोपी कुख्यात गैंग्स्टर विक्की गॉडर के दाहिना हाथ माने जाने वाले गोपी घनशामपुरिया व हैरी ने दो दिन पहले अजनाला टाउन के भल्लपिंड के पास से डॉ मुनीष कुमार सिंह का हथियारों के बल पर उस समय अपहरण कर लिया जब रात में वह अपने अस्पताल से रंजीत ऐवेन्यू स्थित अपने घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि अपहरण करने के बाद बदमाशों ने जबरन चिकित्सक से उसकी पत्नी की बात करवायी और 60 लाख रुपये फिरौती की मांग की। घर और अस्पताल में इतनी रकम उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल 7.50 लाख रुपये लेकर बदमाशों ने चिकित्सक को रिहा तो कर दिया लेकिन स्पष्ट चेतावनी भी दी बाकी रकम दो दिनों में दे देना वरना परिवार की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।

पुलिस ने कहा, जल्द कर लेंगे गिरफ्तार

चिकित्सक ने पुलिस को बताया कि रात के समय अपहरणकर्ताओं ने रोगी बनकर उनको रोका और फिर हथियार दिखाकर शहर के बाहर इलाके में ले गये। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ता अपने हाथ में हथियार लिये हुए थे। इनमें पिस्टल, रिवॉल्वर और भारी मात्रा में गोलियां थीं।
इस बीच पुलिस के अनुसार उसने अपहरणकर्ताओं की पहचान कर ली है, ये कुख्यात गैंग्स्टर गोपी घनशामपुरिया तथा सुरप्रीत हैरी हैं। इन्हें पकडऩे का प्रयास चल रहा है। ज्ञात हो यहां पर रहने वाले ज्यादातर निजी चिकित्सक ऐसे हैं जो इमरजेंसी में घरों पर जाकर मरीज को देखते हैं। इस घटना के बाद से हडक़म्प मचा हुआ है और चिकित्सकों ने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर समय-बेसमय इमरजेंसी में घरों में जाकर मरीज को देखना बंद कर दिया है। साभार मेडिकल डायलॉग्स