कैंसरग्रस्त यूरिन ब्लैडर निकालकर छोटी आंत से बनाया नया ब्लैडर

लखनऊ। चिकित्सा के क्षेत्र में निरन्तर हो रही प्रगति में गंभीर बीमारियां अब पीछे छूटती जा रही है। ऐसे ही एक और मामले में यूरिन ब्लैडर के कैंसर से पीडि़त मरीज को नयति मेडिसिटी के चिकित्सकों ने नया जीवन दे दिया। पैंसठ वर्षीय चरन सिंह पेशाब के रास्ते खून आने की बीमारी यानी यूरिन ब्लैडर के कैंसर से पीडि़त थे, जिनका नयति के चिकित्सकों डॉ पीबी सिंह, डॉ हर्ष गुप्ता व उनकी टीम ने सफल आपरेशन कर कैंसरग्रस्त पुराना यूरिन ब्लैडर को निकाल कर उसकी जगह छोटी आंत के माध्यम से नया यूरिन ब्लैडर बनाकर लगाकर उसे नया जीवन देने में कामयाब रही।

मथुरा में कैंसर पीडि़त मरीज को चिकित्सकों ने दिया नया जीवन

इस सफलता पर नयति मेडिसिटी, मथुरा के यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ पीबी सिंह ने बताया कि चरन सिंह जब हमारे पास आये थे तब वो पेशाब में खून आने की शिकायत बता रहे थे। कई जगह से वे अपना इलाज करा चुके थे पर उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच उनके पेशाब से खून के थक्के निकलने लगे और पेशाब रुकने पर वे इमरजेंसी में हमारे यहाँ आये। तुरन्त सारे खून के थक्के दूरबीन के माध्यम से निकाले गए और देखने पर पता चला कि पेशाब की थैली पूरी तरह कैंसर से ग्रस्त है और बायोप्सी रिपोर्ट से भी कैंसर की पुष्टि हुई और पेशाब की थैली इस अवस्था में थी कि उसे तुरन्त निकालने की आवश्यकता थी। परिवार के लोगों की सहमति के बाद हमने उनके कैंसरग्रस्त ब्लैडर को निकाल कर छोटी आंत के माध्यम से नया यूरिन ब्लैडर लगा दिया है। आमतौर पर पेशाब की थैली निकालने के बाद पेट से रास्ता बनाया जाता है जिसमें मरीज की आजीवन पेट में थैली लटकाए रखना पड़ता है लेकिन हमने पुरानी थैली हटाकर छोटी आंत के माध्यम से नई पेशाब की थैली बनाकर लगा दी है।

मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ, जा सकेगा अपने काम पर

अब चरन सिंह बिल्कुल स्वस्थ हैं तथा जल्द ही अपने काम पर भी जा सकते हैं और पहले की तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। वहीं मेडिसिटी की चेयर पर्सन नीरा राडिया ने कहा कि देश के योग्य तथा बेहतरीन डॉक्टरों की टीम नयति मेडिसिटी में मौजूद है और मुझे अपने यहां के डॉक्टरों की काबलियत पर पूरा भरोसा है। हमने शुरू से यह कहा है कि नयति मेडिसिटी में हम किसी भी बीमारी से सम्बंधित हर वो सुविधा देने का प्रयास करेंगे जो विश्व के किसी भी कोने में मिल सकती है और हम अपने उस प्रयास में सफल भी हो रहे हैं। हमारा हमेशा से यह मानना है कि टिअर 2 तथा टिअर 3 शहरों के लोगों को भी हर वह सुविधा मिलनी चाहिए जो दिल्ली, एनसीआर अथवा किसी अन्य महानगर के लोगों को मिलती है। हमारे यहां ंइलाज के समय किसी भी मरीज के बीच बिना कोइ भेदभाव किये इलाज किया जाता है। कोई भी मरीज नयति मेडिसिटी में वीआईपी नहीं है और सभी वीआईपी हैं। स्वस्थ रहने का समाज के हर व्यक्ति को समान अधिकार है और अपनी इसी सोच के चलते हम सभी को समान इलाज दे पा रहे हैं।