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केजीएमयू में दा विंची तकनीक से 100वीं रोेबोटिक सर्जरी, कुल रोबोटिक सर्जरी की संख्या पहुंची 250

-रोबोटिक सर्जरी के प्रभारी प्रो एसएस पाहवा ने कहा, केजीएमयू के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि, गर्व का क्षण

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ ने अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दा विंची (da Vinci) रोबोटिक शल्य प्रणाली से 100वीं रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। इसके साथ ही KGMU के रोबोटिक शल्य चिकित्सा कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 250 रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। ज्ञात हो दा विंची एक उन्नत रोबोटिक तकनीक है, जिससे सर्जन बहुत छोटे चीरों (न्यूनतम आक्रामक सर्जरी) के जरिए बेहद जटिल और सूक्ष्म सर्जरी करते हैं।

रोबोटिक शल्य चिकित्सा कार्यक्रम के प्रभारी प्रो हरविंदर एस पाहवा ने बताया कि “यह KGMU के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि और पूरी रोबोटिक शल्य चिकित्सा टीम के लिए गर्व का क्षण है। मैं अपनी कुलपति के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। उनकी दूरदर्शिता, प्रोत्साहन और निरंतर सहयोग केजीएमयू KGMU में रोबोटिक शल्य चिकित्सा कार्यक्रम की स्थापना और सुदृढ़ीकरण में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।”

प्रो. पाहवा ने इस उपलब्धि में योगदान देने वाली पूरी बहुविषयक टीम—चिकित्सकों, शल्य चिकित्सकों, संज्ञाहरण विशेषज्ञों, नर्सिंग कर्मियों, रोबोटिक तकनीशियनों तथा अन्य सहयोगी कर्मचारियों— के समर्पण, सामूहिक प्रयास और प्रतिबद्धता के लिए उनका आभार व्यक्त किया तथा अभिनंदन किया। सीएमएस प्रो. बी. के. ओझा, एमएस प्रो. विश्वजीत सिंह, चिकित्सा अधीक्षक तथा डॉ. अक्षय आनंद, समन्वयक, रोबोटिक कार्यक्रम ने भी पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

संस्थान ने कहा है कि यह उपलब्धि संस्थान की बढ़ती विशेषज्ञता तथा अत्याधुनिक और न्यूनतम चीरा-आधारित शल्य चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही यह उपलब्धि समाज के सभी वर्गों, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों, को आधुनिक एवं अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने की KGMU की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। KGMU का रोबोटिक शल्य चिकित्सा कार्यक्रम भविष्य में रोबोटिक शल्य चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, बहुविषयक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य करेगा। साथ ही, KGMU को अत्याधुनिक रोबोटिक और न्यूनतम चीरा-आधारित शल्य चिकित्सा के अग्रणी केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी रहेंगे।

कुलपति ने दी बधाई

कुलपति पद्मश्री प्रो सोनिया नित्यानंद ने da Vinci रोबोटिक शल्य प्रणाली से 100वीं सर्जरी तथा कुल 250 रोबोटिक सर्जरी संपन्न होने पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने टीम के समर्पण और उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि रोबोटिक शल्य चिकित्सा कार्यक्रम के विस्तार तथा मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से हर संभव सहयोग और समर्थन निरंतर जारी रहेगा। यह उपलब्धि KGMU के लिए गर्व का क्षण है और अत्याधुनिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।