उत्‍तर प्रदेश ने जातिवादी राजनीति को नकारा, बुआ-बबुआ गठबंधन फेल

रुझानों के अनुसार मोदी का जादू बरकरार, बहुमत से ज्‍यादा 335 सीट 

लखनऊ। एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद से जिस तरह की आशा की जा रही थी उसी के अनुरूप भारतीय जनता पार्टी नीत राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने रुझानों में बहुमत प्राप्त कर लिया है समाचार लिखे जाने तक एनडीए को 335 सीटें प्राप्त हुई है जबकि कांग्रेस नीत यूपीए को 99 सीटें रुझानों में आ गए हैं अन्य को 108 सीटों पर बढ़त हासिल है। उत्‍तर प्रदेश ने जातिगत राजनीति को नकार दिया है। बसपा-सपा,रालोद का गठबंधन एक तिहाई सीटें पर भी आगे नहीं है।

खास बात यह है कि उत्‍तर प्रदेश की राजनीतिक भूमि पर दो दशकों से ज्‍यादा समय से विपरीत विचारधारा वाले बहुजन समाज पाटी, समाजवादी पार्टी का चौधरी अजित सिंह के लोकदल के साथ हुआ महागठबंधन भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जादू को रोक नहीं कर सका। यहां सबसे खास सीट वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शानदार तरीके से 69 हजार से ज्‍यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक मिले 80 सीटों पर मिले रुझानों में 57 सीट के साथ एनडीए ने महागठबंधन को काफी पीछे छोड़ दिया है, रुझानों में गठबंधन को 22 सीटों पर बढ़त हासिल है। जबकि कांग्रेस की हालत यहां बहुत ही पतली है और वह सिर्फ 1 सीट पर ही आगे है।

यहां एक खास बात यह है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी परंपरागत सीट अमेठी से भारतीय जनता पार्टी की स्मृति ईरानी से पीछे चल रहे हैं, हालांकि कई बार ऐसा हो रहा है कि राहुल कभी पीछे कभी आगे हो जाते हैं, आगे-पीछे होने का अंतर बहुत ही कम मार्जिन वाला है। राजनाथ सिंह लखनऊ सीट से आगे चल रहे हैं। सोनिया गांधी रायबरेली पर अपनी सीट पर आगे हैं।

 

आपको बता दें कि यह स्‍मृति ईरानी राहुल को कड़ी टक्‍कर दे सकती हैं, यह बात तभी से समझ आ गयी थी जब राहुल गांधी वार्ड ने केरल के वायनाड से भी पर्चा भरा था। सपा के संरक्षक मुलायम सिंह मैनपुरी से और सपा अध्‍यक्ष अखिलेश सिंह आजमगढ़ में आगे चल रहे हैं।