समाजसेवी विमल कुमार शर्मा की आंखों से मिलेगी दो लोगों को रौशनी, देहदान से मिलेगी मेडिकल छात्रों को शिक्षा

-77 वर्ष की आयु में हुआ निधन, वर्ष 2011 में कराया था देहदान के लिए पंजीकरण
विमल कुमार शर्मा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कल्‍याणं करोति संस्‍था के संस्‍थापक समाजसेवी विमल कुमार शर्मा, जिनका देहान्‍त 77 वर्ष की आयु में शनिवार को हो गया था। उनकी आंखों को जहां दो लोगों को रौशनी देने के लिए दान किया गया वहीं उनकी देह मेडिकल छात्रों की पढ़ाई के लिए दान की गयी है।

विमल कुमार शर्मा के पुत्र राष्ट्र गौरव शर्मा ने बताया कि विमल कुमार शर्मा को प्रोस्‍टेट कैंसर की शिकायत थी, तथा लोहिया आयुर्विज्ञान संस्‍थान में भर्ती थे, जहां कल शनिवार को उनका देहांत हो गया। विमल कुमार शर्मा ने वर्ष 2011 में अपनी देहदान करने के लिए पंजीकरण कराया था। उनकी इच्‍छानुसार उनकी देह किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के एनॉटमी विभाग को दान दे दी गयी है।

विमल कुमार शर्मा को केजीएमयू के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट, मुख्या चिकित्साल अधीक्षक डॉ एसएन संखवार,संखवार, नेत्र रोग विभाग के प्रो अरुण कुमार शर्मा तथा एनॉटमी विभाग की डॉ गरिमा सहगल ने श्रद्धांजलि दी। राष्ट्र गौरव ने बताया कि उनकी माता अनुकम्‍पा शर्मा का देहान्‍त 2006 में हुआ था, उनकी आंखें भी दान की गयी थीं।