Sunday , May 8 2022

भत्‍तों में बढ़ोतरी की राह देख रहे कर्मचारियों के साथ छल

भत्‍ते समाप्ति के फैसले पर कड़ा विरोध जताया राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद ने 

लखनऊ राज्य सरकार द्वारा 2 बच्चों की स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ते सहित कुल 6 भत्तों को समाप्त किये जाने पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि मुख्य सचिव के साथ परिषद की सम्पन्न हुई बैठक में समयबद्ध सहमति बनी थी कि वेतन विसंगति व भत्तों का मंत्रिपरिषद से तीन माह में अनुमोदन लेकर शासनादेश जारी करेंगे, जिसमे डिप्लोमा फार्मासिस्ट प्रथम पर था। उन सब को दरकिनार कर वित्त विभाग द्वारा नकारात्मक भत्तों की रिपोर्ट मंत्रिपरिषद से अनुमोदन कराया गया, जिसके फलस्वरूप 6 भत्ते समाप्त कर दिए गए।  परिषद इसका प्रबल विरोध करती है।

परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष और राजकीय फार्मेसिस्ट महासंघ के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन, नकदीकरण आदि बन्द करने के बाद अब वेतन विसंगति दूर करने, भत्तों की बढ़ोतरी की राह देख रहे राज्य कर्मियों को 6 भत्ते समाप्त कर राज्य सरकार ने ये कैसा नकारात्मक तोहफा दिया जिससे सभी कर्मचारी अत्यंत व्यथित हैं ।

सरकार ने द्विभाषी प्रोत्साहन भत्ता, कंप्यूटर संचालन प्रोत्साहन भत्ता, स्नातकोत्तर भत्ता, कैश हैंडलिंग भत्ता, परियोजना भत्ता एवं स्वैच्छिक परिवार कल्याण योजना अंतर्गत विशेष प्रोत्साहन भत्ता को समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है, जबकि कर्मचारियों के वेतन विसंगति और जिन भत्तो में बढ़ोतरी का प्रस्ताव वेतन समिति ने सरकार को दिया है वह प्रस्ताव डेढ़ वर्षो से अनिर्णीत है, बार बार आश्वासन के बाद भी सकारात्मक निर्णय की जगह ये नकारात्मक निर्णय कर्मचारियों में रोष और निराशा भरने वाला है ।