डॉ प्रियंका को श्रद्धांजलि : कानून ऐसा हो कि सजा सोचकर ही अपराधी थर्रायें

हैदराबाद की सामूहिक बलात्‍कार और हत्‍या की घटना को लेकर केजीएमयू में निकला मार्च

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। हैदराबाद में दो दिन पूर्व वेटेनरी चिकित्‍सक डॉ प्रियंका रेड्डी के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद जघन्‍य तरीके से की गई उनकी हत्या के विरोध में आज मार्च निकालते हुए यहां किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में डॉ प्रियंका को श्रद्धांजलि दी गयी।

मार्च के आयोजनकर्ताओं में एक डॉ छाया सिंह ने बताया कि डॉ नीरज कुमार मिश्रा के आह्वान पर श्रद्धांजलि सभा और मार्च का आयोजन किया गया। उन्‍होंने क‍हा कि इस मौके पर इस जघन्‍य घटना की कड़ी भर्त्‍सना करते हुए हम मांग करते हैं कि दोषियों को जल्‍दी से जल्‍दी कड़ी से कड़ी सजा दी जाये। इस मार्च का आयोजन रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के तत्‍वावधान में किया गया।

आरडीए एसोसिएशन के अध्‍यक्ष डॉ राहुल भरत ने कहा कि विगत दिनों हैदराबाद में हुई पीड़ा देने वाली हृदय विदारक घटना को लेकर हमारी सरकार से मांग है कि न्‍याय प्रक्रिया को जल्‍दी पूरी कर पीड़िता को तुरंत न्याय मिले, नहीं तो हम अब रुकने वाले नहीं हैं।

उन्‍होंने कहा कि भारत का बच्चा-बच्चा, हर एक नागरिक अब सड़कों पर न्याय के लिए दिखेगा। उन्‍होंने कहा कि हमें जरूरत है एक ऐसे सख्त कानून की जो ऐसे जघन्य अपराध को करने वालों के लिए एक दु:स्वप्न की तरह हो। ऐसे लोगों को किसी भी तरह से छोड़ा नहीं जा सकता। डॉ राहुल ने कहा कि रेजीडेंट्स एसोसिएशन केजीएमयू की जनता से अपील है कि अपने बच्चों, को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ायें ताकि ऐसी घटनायें कभी भी किसी और के साथ न हों।

आशंका होने पर तुरंत डायल करें 100 नम्‍बर

इस मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन लखनऊ के पूर्व अध्‍यक्ष डॉ पीके गुप्‍ता और डॉ रश्मि चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। डॉ पीके गुप्‍ता ने कहा कि इस तरह की घटनाओं का डटकर विरोध होना चाहिये, हमारा विरोध हैवानियत की ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले ऐसे तत्‍वों के विरुद्ध है। इसमें हमें सरकार के साथ ही आम जनता से भी सहयोग चाहिये, जनता से सहयोग की आकांक्षा यही है कि वे छेड़छाड़ की छोटी से लेकर बड़ी घटनाओं के खिलाफ अपनी आवाज जरूर उठायें, बेटियों, बहनों से अपील है कि इस तरह की आशंका देखते ही आप मदद के लिए 100 नम्‍बर या 112 नम्‍बर डायल करें, जिससे समय रहते पुलिस की मदद मिल सके। उन्‍होंने बताया कि आज के मार्च में लखनऊ विश्‍वविद्यायल के प्रोफेसर, वकील व आम जन की भी भागीदारी रही।

चिकित्‍सक ही नहीं हर महिला के लिए संवेदना

डॉ छाया सिंह ने बताया कि शाम करीब 5 से 6 बजे तक चले इस कार्यक्रम में हम लोगों ने केजीएमयू के गेट नंबर 1 पर इकट्ठा होकर डॉ प्रियंका रेड्डी को श्रद्धांजलि देते हुए मार्च निकाला यह मार्च संस्थान के प्रशासनिक भवन पर समाप्त हुआ। डॉ प्रियंका को श्रद्धांजलि देने के साथ यह मांग की गई की इस तरह की घटनाओं का हम डटकर विरोध करते हैं डॉ छाया ने कहा कि इस घटना का विरोध हम लोग सिर्फ इसलिए नहीं कर रहे हैं कि डॉ प्रियंका पेशे से चिकित्सक थीं बल्कि हमारी  संवेदना देश की सभी महिलाओं के लिए है, इसीलिए इस मार्च में हमने  सभी लोगों के शामिल होने का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि इस तरह की घटनायें सिर्फ डॉक्टर के साथ नहीं, बल्कि समाज के किसी भी वर्ग की महिला के साथ होती रहती हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी मांग केंद्र और राज्य सरकार दोनों से है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कदम उठाएं जिससे शैतान के रूप में इंसान छोटी से छोटी घटना करने की भी हिम्मत न कर सके। मार्च में डॉ नीरज कुमार मिश्र, डॉ भूपेन्‍द्र सिंह, डॉ राहुल भरत, डॉ शिवम, डॉ अम्‍बरीन सहित 300 से 400 रेजीडेंट्स डॉक्‍टर व अन्‍य लोग शामिल रहे।