ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में दिखेगा जबरदस्‍त बदलाव

शासन ने 18 नये चिकित्‍सकों की तैनाती के लिए जारी किया आदेश   

 

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍व विद्यालय के ट्रॉमा सेंटर स्थित करीब 20 करोड़ मरीजों की चिकित्‍सा करने वाला इमरजेंसी मेडिसिन विभाग को शासन से बड़ी सौगात मिली है। यहां आने वाले मरीजों में संक्रमण, संक्रमणीय बीमारियां, हृदय रोग, स्ट्रोक और आघात के मरीज शामिल होते हैं। शासन ने इस विभाग के लिए 18 नये चिकित्‍सकों के पद स्‍वीकृत कर दिये हैं।

 

केजीएमयू के प्रवक्‍ता डॉ संतोष कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में 18 पदों पर डॉक्‍टरों की तैनाती से मरीजों को बहुत लाभ होगा। अभी तक विभागाध्‍यक्ष डॉ हैदर अब्‍बास के साथ एक सीनियर रेजीडेंट तथा चार जूनियर रेजीडेंट इलाज कर रहे हैं अब एक फैकल्‍टी के अलावा आठ सीनियर और नौ सीनियर रेजी‍डेंट डॉक्‍टरों की तैनाती और की जायेगी जिससे व्‍यवस्‍था दुरुस्‍त होगी और मरीज को शीघ्र इलाज मिलने में आसानी हो जायेगी, साथ ही मृत्‍यु दर में भी गिरावट आयेगी। विभागाध्‍यक्ष डॉ हैदर अब्‍बास ने बताया कि यहां कुल मिलाकर रोज 350 मरीज आते हैं।

 

डॉ संतोष ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में नये 18 डाक्टरों के पद के लिए प्रमुख सचिव ने अनुमति दे दी है। इस बावत आदेश भी जारी कर दिया गया। नये डाक्टर तैनात होने के बाद सांध्य ओपीडी भी चलेगी। ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में 30 बिस्तर है, यहां पर छह वेंटीलेटर भी संचालित किये जा रहे हैं।

 

आपको बता दें‍ कि केजीएमयू प्रशासन ने इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में डॉक्टर्स के 18 नए पद सृजित करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने इसकी स्वीकृति दे दी है। डॉ. हैदर अब्बास ने बताया नये डॉक्टर आने बाद यहां पर सांध्य ओपीडी भी चलाई जाएगी। इसके अलावा एमडी व पीडीसीसी कोर्स का प्रशिक्षण जूनियर डॉक्टरों को दिया जाएगा, ताकि वह मरीजों का बेहतर तरीके से उपचार कर सके।