केजीएमयू में दिल का इलाज अब आधुनिक चिकित्‍सा के साथ मेडीटेशन से भी

तेलंगाना के इंस्‍टीट्यूट के साथ किये गये एमओयू पर हस्‍ताक्षर

लखनऊ। दिल दा मामला है, इसका इलाज आधुनिक चिकित्‍सा के साथ-साथ मेडीटेशन से भी किया जाये, इसके लिए तेलंगाना के एक इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट के साथ केजीएमयू ने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्‍टैन्डिंग (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किये हैं। इस एमओयू के तहत दोनों संस्थानों की फैकल्टी एवं छात्र-छात्राएं आपसी लाभ एवं एक-दूसरे संस्थानों की उन्नति के लिए सेवाओं का आदान-प्रदान करेंगे।

आज सोमवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ और हार्ट फुलनेस इंस्टीट्यूट, रंगारेड्डी (तेलांगना) के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इस एमओयू पर केजीएमयू के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट एवं एसोसिएट डायरेक्टर, हार्ट फुलनेस इंस्टीट्यूट डॉ मनीष कुलकर्णी ने हस्ताक्षर कर इस समझौते को अपनी स्वीकृति प्रदान की।

इस एमओयू के बारे में जानकारी देते हुए एसोसिएट डायरेक्टर, हार्ट फुलनेस इंस्टीट्यूट डॉ मनीष कुलकर्णी ने कहा कि एमओयू के तहत हार्ट फुलनेस पर प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा इस विषय पर दोनों संस्थानों द्वारा अन्य संस्थानों जैसे विश्वविद्यालय, कॉरपोरेट हाउसेस, स्कूल एवं कॉलेजों में भी शिक्षण एवं प्रशिक्षण क्रियाएं संपादित की जाएंगी, जिससे की दोनों संस्थानों के साथ-साथ अन्य संस्थानों के कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर केजीएमयू की ओर से डीन, छात्र कल्याण डॉ जीपी सिंह, डीन, रिसर्च सेल डॉ आरके गर्ग, नेत्र विभाग के डॉ सिद्धार्थ अग्रवाल एवं कॉमन इक्यूप्मेंट विभाग के उपेन्द्र सिंह भदौरिया तथा हार्ट फुलनेस इंस्टीट्यूट, रंगारेड्डी (तेलांगना) की ओर से यूएस बाजपेयी एवं शालिनी मेहरोत्रा उपस्थित रहीं।