हेल्‍थ एंड वेलनेस सेंटर्स के कम्‍युनिटी हेल्‍थ ऑफि‍सर का प्रशिक्षण कोर्स केजीएमयू में होगा

-केजीएमयू, एनएचएम, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के बीच एमओयू पर हस्‍ताक्षर

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के सभी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों को हेल्‍थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में संचालित करने के लिए इन केंद्रों पर नियुक्‍त होन वाले कम्युनिटी हेल्‍थ ऑफि‍सर को प्रशिक्षण केजीएमयू द्वारा दिया जायेगा। शुक्रवार को किगं जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश के मध्य एक त्रिपक्षीय इस सम्‍बन्‍ध में एक  Mommerundum of Understanding (MOU)  पर हस्ताक्षर किये गये। जिसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, जय प्रताप सिंह, चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट एवं एनएचएम की अपर मिशन निदेशक, जसजीत कौर एवं डॉ ज्ञान प्रकाश, निदेशक नर्सिंग, डीजीएमएच ने इस समझौते पर अपने हस्ताक्षर कर इस एमओयू को अपनी स्वीकृति प्रदान की।

इस एमओयू के तहत भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जितने भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं स्वास्थ्य केंद (नगरीय एवं ग्रामीण) हैं, इनको हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है तथा इसके साथ ही उपकेंद्र स्तरीय हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पर एक प्रशिक्षित कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी।

इसके साथ ही इस एमओयू के तहत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के प्रशिक्षण के लिए सार्टिफिकेट कोर्स इन कम्युनिटी हेल्थ फॉर नर्सिंग का संचालन केजीएमयू द्वारा किया जाएगा तथा वर्तमान में इस कोर्स के जो अभियार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं उनको परीक्षा एवं प्रमाण पत्र केजीएमयू द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा इसको तकनीकि सहयोग अन्तर्राष्ट्रीय संस्था जपइगो (JHPIEGO)  द्वारा किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य रूप से केजीएमयू की पूर्व प्रति कुलपति प्रो मधुमति गोयल, अधिष्ठाता नर्सिंग प्रो अपजीत कौर, महाप्रबंधक, नर्सिंग डॉ मधु शर्मा, परीक्षा नियंत्रक, केजीएमयू डॉ एके सिंह, कुलसचिव अवनीश कुमार द्विवेदी, वित्त अधिकारी मो जमा, राज्य नोडल अधिकारी, नर्सिंग कार्यक्रम देवेश चन्द्र त्रिपाठी, मेडिकल एंड हेल्थ विभाग के निदेशक नर्सिंग डॉ ज्ञान प्रकाश तथा अन्तर्राष्ट्रीय संस्था जपइगो के डॉ संजय त्रिपाठी उपस्थित रहे।