होगी ऐसी देखभाल कि असाध्‍य रोग वालों को बोझ न लगे जिन्‍दगी

-सम्‍पूर्ण देखभाल का प्रशिक्षण देने के लिए केजीएमयू में तीन दिवसीय सीएमई सम्‍पन्‍न

-केजीएमयू में पहली बार आयोजित एंड ऑफ लाइफ नर्सिंग एंड ऐजूकेशन कंसोर्टियम पर सीएमई

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

खनऊ। असाध्‍य रोगों के कारण दर्द और जीना दूभर कर देने वाले रोगों से जूझते मरीजों की सम्‍पूर्ण देखभाल कर उन्‍हें दर्द और तनाव रहित जीवन देने में नर्सिंग केयर का बहुत महत्‍व है, उम्र के अंतिम  पड़ाव पर कष्‍टकारी जीवन से बचाने के लिए किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय के एनेस्‍थीसियोलॉजी विभाग की पेन एंड पैलिएटिव इकाई के तत्‍वावधान में प्रथम एंड ऑफ लाइफ नर्सिंग एंड ऐजूकेशन कंसोर्टियम के (End of life nursing education consortium) ईएलएनईसी पर आधारित सतत चिकित्‍सा शिक्षा (सीएमई) का तीन दिवसीय आयोजन का आज 14 मार्च को समापन हो गया।

यह जानकारी देते हुए सीएमई प्रोग्राम की आयोजक डॉ सरिता सिंह ने बताया कि केजीएमयू में इस तरह की सीएमई का पहली बार आयो‍जन किया गया है। उन्‍होंने बताया कि असाध्‍य बीमारियों से जूझ रहे लोगों को जितना संभव हो, कष्‍ट रहित जीवन मिले इसके लिए नर्सिंग स्‍टाफ के लिए इस कोर्स को अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ नर्सिंग कॉलेजेस द्वारा तैयार किया गया है।

डॉ सरिता सिंह ने बताया कि इस सीएमई में केजीएमयू के नर्सिंग कॉलेज की छात्रायें और हॉस्पिटल स्‍टाफ ने हिस्‍सा लिया। इस सीएमई में प्रशिक्षण देने के लिए अमेरिका के नर्सिंग कॉलेज की सिस्‍टर हैनिफे और उनकी टीम के अलावा एम्‍स जोधपुर, एम्‍स दिल्‍ली के प्रशिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। डॉ सरिता ने बताया कि इन प्रशिक्षकों का लक्ष्‍य 10 ट्रेनर तैयार करने का है, जो दूसरे लोगों को प्रशिक्षण देंगे। उन्‍होंने बताया कि इस ट्रेनिंग में बेड साइड मरीज की सम्‍पूर्ण देखभाल करना सिखाया जाता है, इसमें मरीज की शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक व वित्‍तीय चुनौतियों से कैसे निपटें, यह सिखाया जाता है।

केजीएमयू में यूएसए के नर्सिंग कॉलेज की सिस्‍टर हेनिफे के प्रशिक्षण की झलक देखें वीडियो

उन्‍होंने बताया कि चिकित्सकीय रूप से बीमार रोगियों को प्रभावी उपचार प्रदान करने और उनके जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए नर्सिंग देखभाल में सुधार आवश्यक है।