-संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ की बैठक में कर्मचारियों ने जताया आक्रोश

सेहत टाइम्स
लखनऊ। संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ की बैठक आज के जी एम यू चिकित्सा विश्वविद्यालय में हुई जिसमें सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल ने की। के जी एम यू के पदाधिकारियों ने कहा कि एक साल से वेतन बढ़ोतरी संबंधी महानिदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट आज तक लागू नहीं हुई। कर्मचारियों को पहले बोनस दिया जाता था उसको भी अब बंद कर दिया गया किसी को अवकाश की सुविधा नहीं मिल रही, एजेंसी बिना कारण वेतन से कटौती करती रहती है।
प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल ने कहा कि हम लोगों ने अपनी टीम के साथ कई बार उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से भी मिलकर अपनी परेशानियों को बताया। पिछली बार आंदोलन पर पाठक जी ने कहा था कि हमारे दरवाजे आपके लिए हमेशा खुले हैं लेकिन एक साल हो गया आज तक कोई पत्र वेतन बढ़ोतरी के लिए उपमुख्यमंत्री कार्यालय से जारी नहीं हुआ। सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि लगता है कि अब हड़ताल के बिना सरकार नहीं सुनेगी।
ऐसे में अब शासन एक साल से फाइल घुमा रहा है और संस्थान प्रशासन छुट्टी और बोनस तथा वेतन काट रहा है। उपमुख्यमंत्री कोई निर्देश जारी नही करते अब आंदोलन ही एक मात्र विकल्प है। यूनियन कभी भी स्वास्थ्य सेवा प्रभावित नहीं करना चाहती लेकिन वर्षों से बेहद कम वेतन पर कर्मचारी अब जीवनयापन नहीं कर पा रहा है। केजीएमयू प्रदेश का रेफरल सेंटर है एक दिन की हड़ताल में भी जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार को इसपर ध्यान देकर इन कर्मियों का वेतन बढ़ोतरी, बोनस तथा विभिन्न अवकाश और वार्षिक वृद्धि का आदेश जारी करना चाहिए।

