कॉम्बिनेशन वाली पांच दवाओं पर लगी रोक, न बनेंगी, न बिकेंगी

इनमें मौजूद सॉल्ट का अलग-अलग प्रयोग ही उचित

लखनऊ। भारत सरकार ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 (23 ऑफ 1940), सेक्शन 26ए में दी गयी शक्तियों का प्रयोग करते हुए दो कॉम्बिनेशन वाली पांच दवाओं के निर्माण, विक्रय और वितरण पर रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 8 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार नेमोसुलाइड के साथ लेवोसेट्रीजिन को मिलाकर बनायी गयी दवा का फिक्स्ड डोज, ओरनिडाजोल के साथ ओफ्लॉक्सिसिन मिलाकर तैयार किया गया इंजेक्शन का फिक्स्ड डोज, जेमीफ्लॉक्सिसिन के साथ ऐम्ब्रोक्सॉल मिलाकर तैयार किया गया फिक्स्ड डोज, ग्लूकोसामाइन के साथ इबूप्रोफेन मिलाकर बनाया गया फिक्स्ड डोज तथा ईटोडोलैक के साथ पैरासीटामॉल मिलाकर बनाया गया फिक्स्ड डोज का निर्माण, विक्रय और वितरण प्रतिबंधित कर दिया गया है।

शिकायत मिलने के बाद समिति ने जांच कर रोक लगाने की सिफारिश की

अधिसूचना में कहा गया है कि इन औषधियों के कॉम्बिनेशन का प्रयोग करने का कोई युक्तिसंगत औचित्य नहीं है बल्कि जेमीफ्लॉक्सिसिन के साथ ऐम्ब्रोक्सॉल मिलाकर तैयार किया गया फिक्स्ड डोज से मानव जीवन को खतरा पैदा हो सकता है। इन औषधियों के बारे में सरकार को सूचना मिलने के बाद विशेषज्ञ समिति से जांच करायी गयी। जांच समिति की सिफारिश के बाद यह तय किया गया कि चूंकि इन औषधियों के कॉम्बिनेशन के सेवन से मानव को कोई लाभ नहीं है बल्कि एक कॉम्बिनेशन के मिश्रित सेवन से जीवन को खतरा है तो ऐसी स्थिति में इन दवाओं को निर्माण, विक्रय और वितरण को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया। विशेषज्ञों की समिति ने इन कॉम्बिनेशन वाली दवाओं का अलग-अलग ही सेवन करने की सिफारिश की है।