केजीएमयू का रे‍स्पिरेटरी मेडिसिन विभाग अब हर साल तैयार करेगा आठ विशेषज्ञ

68 साल बाद रेस्‍पाइरेटरी विभाग को मिलीं एमडी की तीन और सीटें

आठों सीटों पर दूरदराज से आये पीजी स्‍टूडेंट्स को दी गयी स्‍वागत पार्टी

सभी आठों नये पीजी स्टूडेंट्स के साथ विभागाध्यक्ष प्रो सूर्यकांत।

सेहत टाइम्स ब्यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग को 68 वर्ष बाद पोस्‍ट ग्रेजुएट की पढ़ाई कराने के लिए तीन और सीटें मिली हैं, अब इस विभाग में एमडी की कुल आठ सीटें हो गयी हैं। इन सभी सीटों पर देश के दूरदराज इलाकों से आये पीजी स्‍टूडेंट्स ने प्रवेश ले लिया है।

 

यूनिवर्सिटी द्वारा दी गयी जानकारी में बताया गया है कि यह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया एमसीआई के मानकों पर खरे उतरते हुए विभागाध्‍यक्ष प्रो सूर्यकांत के नेतृत्‍व में किये गये प्रयास रंग लाये और विभाग को एमडी की तीन और सीटों की मंजूरी मिली।

 

विभागाध्यक्ष प्रो0 सूर्यकान्त ने बताया कि इस विभाग की स्थापना 1946 में डिपार्टमेन्ट आफ ट्यूबरकुलोसिस एवं चेस्ट डिसीजेज के रूप में हुई। 1951 में एमडी एवं 1954 में डिप्लोमा कोर्स चालू हुआ। तब से लेकर यह विभाग नई ऊँचाइयों को छूता गया। पिछले सात दशकों से एमडी की सिर्फ पाँच सीटों से यह डिपार्टमेन्ट सुसज्जित था, अब इनकी संख्‍या आठ हो गयी है।

 

प्रो0 सूर्यकान्त ने बताया कि देश के दूर दराज से आये सभी आठों एमडी छात्रों ने डिपार्टमेन्ट ज्वॉइन कर लिया है। इस मौके पर सभी नवागन्तुकों का वेलकम पार्टी के साथ स्वागत एवं परिचय हुआ। प्रो0 सूर्यकान्त ने सभी छात्रों को स्वलिखित आईएलडी की किताब स्मृतिका के रूप में भेंट की। इस मौके पर विभाग के अन्य सभी सीनियर एवं जूनियर रेजिडेन्ट्स मौजूद रहे।