होम्‍योपै‍थी के विकास के लिए बजट में प्रावधान न किया जाना दुर्भाग्‍यपूर्ण

-यूपी सरकार के बजट पर केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ अनुरुद्ध वर्मा की प्रतिक्रिया

डॉ अनुरुद्ध वर्मा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो  

लखनऊ। केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य डॉ अनुरुद्ध वर्मा ने उत्तर प्रदेश के बजट को होम्योपैथी के लिए निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा है कि बजट में नये होम्योपैथिक कॉलेजों, होम्योपैथिक चिकित्सालयों, रोजगार के सृजन, शोध संस्थानों, नई योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में मात्र 4 करोड़ रुपये की व्यवस्था चिकित्सालयों के निर्माण के लिए की गईं है।

उत्‍तर प्रदेश सरकार द्वारा सो‍मवार को पेश किये गये बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में डॉ वर्मा ने कहा कि अपेक्षाकृत कम खर्चीली, सुलभ, दुष्परिणाम रहित, सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करने वाली पद्धति होम्योपैथी के विकास के लिए बजट में प्रावधान न किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा जबकि प्रदेश की जनता को केवल होम्योपैथी द्वारा कम खर्च एवं अल्प संसाधनों में ही सबको स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।  उन्होंने कहा कि बजट में होम्योपैथी को उपलब्ध कराई धनराशि ऊंट के मुँह में जीरा भी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस नाकाफी बजट से होम्योपैथी चिंकित्सकों में घोर निराशा व्याप्त है क्योंकि इससे होम्योपैथी जैसी विकाशशील चिकित्सा पद्धति का समुचित विकास नहीं होगा जिससे जनता होम्योपैथी का पूरा लाभ नहीं उठा पायेगी। उन्होंने सरकार से होम्योपैथी को स्वास्थ्य बजट का 33% उपलब्ध कराने की मांग की है।