ऑस्‍ट्रेलिया और यूके से टीचर्स ने ली केजीएमयू में मेडिकोज की क्‍लास

-राष्‍ट्रपति के सुझाव पर अमल शुरू, तीन दिवसीय एलुफेस्‍ट 2021 का आयोजन

प्रो धावेन्द्र कुमार, डॉ इरा पांडे (ऊपर) प्रो शैलजा चतुर्वेदी व डॉ संजीव अग्रवाल (नीचे)

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। भारत के प्रथम नागरिक राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पिछले दिनों किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के दीक्षांत समारोह में दिये गये सुझाव पर अमल शुरू हो गया है। राष्‍ट्रपति ने कहा था कि केजीएमयू की इंटरनेशनल एलुमिनाई से मेडिकल छात्रों के बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है। इसके लिए उन्‍होंने नॉलेज पोर्टल बनाने का सुझाव दिया था। इसी के अनुपालन में तीन दिवसीय जॉर्जियन Alufest 2021 की शुरुआत आज हुई। इसमें पहले दिन आज ऑस्‍ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम (यूके) से तीन-तीन एलुमिनाई ने जानकारियां दीं।

21 जनवरी से 23 जनवरी तक चलने वाले Alufest 2021 का तीन दिवसीय आयोजन जॉर्जियन एल्यूमिनाई एसोसिएशन द्वारा किया गया है। प्रथम दिन मेडिकल साइंस के छात्रों के लिए वेबि‍नार का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय एलुमनी द्वारा सेप्‍टीसीमिया, जोड़ों की समस्याएं, बच्चों की मनोवृत्ति में परिवर्तन तथा अंधेपन की रोकथाम के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

डॉ इरा पांडे तथा डॉ संजीव अग्रवाल ने बताया कि जोड़ों की समस्याओं के समाधान के लिए दवा, व्यायाम एवं रिप्लेसमेंट जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। डॉ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2050 तक लगभग आधी दुनिया में मायोपिया की समस्या होगी और एशिया के देश इससे सर्वाधिक प्रभावित होंगे। लगातार कई घंटों तक कंप्यूटर से कार्य इसकी मुख्य वजह है।

इसमें डॉ विवेक शर्मा सिडनी (ऑस्‍ट्रेलिया) ने ट्रॉमा के चलते बढ़ने वाली न्‍यूरो की दिक्‍कतों के बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि बचपन में अगर किसी बच्‍चे के साथ कोई घटना घटित हो जाती है तो उसका असर उसकी मनोदशा के साथ ही शारीरिक क्षमता पर भी पड़ता है। उन्‍होंने ट्रॉमा सेंसटिव केयर पर ज्‍यादा जोर देते हुए कहा कि किस तरह से सेंसटिव क्‍वेश्चिनिंग कर सकते हैं। इन दिक्‍कतों को किस तरह डायग्‍नोस किया जा सकता है तथा किस थैरेपी से इसका उपचार किया जा सकता है। उन्‍होंने बताया कि किस तरह से ईईजी से बायोफीड ले सकते हैं। डॉ विवेक इस पर ऑस्‍ट्रेलिया में नयी नयी थैरेपी पर शोध भी कर रहे हैं।

यह पहला अवसर है जब अंतर्राष्ट्रीय एलुमनी द्वारा स्नातक कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए कक्षा का आयोजन किया गया। जॉर्जियंस का परिवार पूरे विश्व में फैला हुआ है, प्रो पीके शर्मा, प्रो उमा सिंह तथा प्रो दिवाकर दलेला ने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम का समापन एलुमानिया (alumania) के रूप में 23 जनवरी को सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगा। सभी कार्यक्रम ऑनलाइन होंगे।

आज के कार्यक्रम की संरचना यूनाइटेट किंगडम से प्रो धावेन्द्र कुमार ने  तथा ऑस्‍ट्रेलिया से प्रो शैलजा चतुर्वेदी द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रोफेसर ए के त्रिपाठी के स्वागत भाषण से हुआ। डीन डेंटल प्रोफेसर अनिल चंद्रा द्वारा कार्यक्रम का प्रारूप बताया गया। प्रति कुलपति प्रोफेसर विनीत शर्मा द्वारा सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ बिपिन पुरी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से एमबीबीएस कर रहे छात्र किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा प्रदत्त चिकित्सा तथा विश्व के अन्य चिकित्सा संस्थानों में दिए जा रहे उपचार में समानताओं तथा विभिन्नताओं का विश्लेषण कर सकेंगे। अंतर्राष्ट्रीय एलुमि‍नी छात्रों के साथ जुड़ने से बहुत उत्साहित हुई। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन सह सचिव डॉ सुधीर सिंह तथा डॉ शीतल वर्मा द्वारा किया गया।