प्रतिबंध नहीं, बल्कि कीटनाशकों के सही प्रयोग का तरीका सिखायें

-एग्रो कैम फेडरेशन ऑफ इंडिया ने दो कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाने पर जताया अपना विरोध

लखनऊ। कृषि रसायन बनाने वाली कंपनियों के शीर्ष संगठन एग्रो कैम फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसीएफआई) ने केन्द्र सरकार द्वारा धान की खेती के लिए उपयोगी कीटनाशक ट्राईसाईक्लाजोल और बूप्रोफेजिन को  प्रतिबंध करने के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि इससे न सिर्फ धान की पैदावार प्रभावित होगी बल्कि किसानों की आय पर भी विपरीत असर पड़ेगा। सरकार को इसे प्रतिबंध करने की बजाय किसानों को इसके उपयोग पर विवेकपूर्ण और जिम्मेदाराना उपयोग की सीख देने के बारे में सोचना चाहिये।

यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इन दोनों कीटनाशकों के उपयोग का प्रतिबंधित कर दिया है। फेडरेशन ने शुक्रवार को यहां जारी बयान में चेताया कि सरकार का यह कदम ऐग्रो कैमिकल उद्योग के लिए बहुत नुकसानदेह साबित होगा। संगठन के अध्यक्ष एन के अग्रवाल ने कहा कि दोनों कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगाने से देश की खाद्य सुरक्षा चरमराएगी, क्योंकि ये कीटनाशक कीटों को समाप्त कर पैदावार को बढ़ाने में कारगर रहे हैं। उन्होंनें आपत्ति जताई की सरकार का यह फैसला बिना किसी तर्क और वैज्ञानिक प्रमाण के लिये, लिया गया है जो देशहित में नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार संभावित प्रतिबंध के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावों को समझने में भी चूक कर गई है जिसमें सीमित प्रभावी विकल्प, कालाबजारी, बाजार में नकली उत्पादों का विस्तार आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन पर प्रतिबंध लगाने से पहले उन पहलूओं पर भी विचार करना चाहिए, जिसमें कृषि वर्ग बाढ़, सूखे, कर्ज, कम निवेश के लिये निम्न स्तर के कीटनाशक उपयोग और उनकी गिरती पैदावार शामिल है।

संगठन ने कहा कि सरकार को इसे प्रतिबंध करने की बजाय किसानों को इसके उपयोग पर विवेकपूर्ण और जिम्मेदाराना उपयोग की सीख देते हुए अन्य देशों द्वारा इन्हीं उत्पादों के सफल परिणामों पर बल देना चाहिए ताकि किसान इसका लाभ उठा सके। उसने कहा कि यूरोपीय संघ ने अभी तक इन उत्पादों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है और वहां समीक्षा जारी है।