राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के सुरेश रावत अध्‍यक्ष, अतुल मिश्रा महामंत्री निर्वाचित

मांगों को लेकर संसद तक किया गया मार्च के परिणाम बेहतर दिखने की आशा

लखनऊ। मालवीय सभागार लखनऊ विश्वविद्यालय में सम्पन्न राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के द्विवार्षिक अधिवेशन में सुरेश कुमार रावत अध्यक्ष एवं अतुल मिश्रा महामंत्री के पद पर निर्वाचित हुए, इसके साथ ही वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर गिरीश चन्द्र मिश्रा एवं संप्रेक्षक पद पर राज कुमार पाण्डेय निर्विरोध निर्वाचित हुए।

 

द्विवार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता सुरेश कुमार रावत ने की। अधिवेशन का संचालन करते हुए महामंत्री अतुल मिश्रा ने दो वर्ष में किये गये कार्यों के रूप में महामंत्री की रिपोर्ट प्रस्तुत की। वित्तमंत्री द्वारा दो वर्षों के आय एवं व्यय का लेखा अधिवेशन के समक्ष रखा गया। उक्त दोनो पर सदन में चर्चा हुई तथा आय व्यय की रिपोर्ट सर्वसम्मति से स्वीकार की गयी।

 

अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए इंडियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी॰पी॰ मिश्र ने प्रदेश के कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए संघर्षरत रहने पर बधाई देते हुए कहा कि इप्सेफ द्वारा दिल्ली में सम्पन्न संसद मार्च का परिणाम आने लगा है, नई पेंशन योजना में अनेक महत्वपूर्ण बदलाव किये जाने का प्रस्ताव भारत सरकार द्वारा कैबिनेट से पारित किया गया है। इप्सेफ इनका अध्ययन कर आगे की रणनीति तय करेगा। श्री मिश्र ने कहा कि आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों के स्थायीकरण व अन्य हितों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग भारत सरकार से की गयी है, गृहमंत्री एवं वित्तमंत्री ने इस मांग पर शीघ्र निर्णय कराने का आश्वासन भी दिया है। उन्होने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश, प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के लिए ईमानदारी से संघर्ष कर रहा है, प्रदेश मे कार्यरत कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां, भत्तों सहित विभिन्न संवर्गो के पदों के पुनर्गठन किये जाने चाहिए।

अधिवेशन में मुख्य रूप से इस बात पर आक्रोश व्याप्त किया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों की चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में जो संशोधन किया गया है वह कर्मचारियों एवं उनके परिवार के हित में नही है। शासन द्वारा गैर सरकारी चिकित्सालयों में कराई गयी चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति पर रोक लगा दी है। परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने अधिवेशन में प्रस्ताव रखकर सरकार से तुरन्त उक्त आदेश वापस लेने के साथ ही कर्मचारियों की कैशलेस सुविधा को तत्काल प्रारम्भ किये जाने की मांग की।

 

अधिवेशन में फार्मेसिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं ऑप्टोमेट्रिस्ट की वेतन विसंगति का मुद्दा चर्चा मे छाया रहा उक्त के साथ ही प्रदेश के रोडवेज सहित अन्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने, केन्द्र के समान भत्ते दिये जाने, 08-16-24 वर्ष पर ए॰सी॰पी॰, संविदा एवं वर्कचार्ज कर्मचारियों को नियमित किये जाने, आउटसोर्सिंग पर रोक लगाते हुए स्थाई पदो पर नियुक्तियाँ किये जाने, पुरानी पेंशन बहाली, संवर्गो का पुनर्गठन करने की मांग की गयी। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्रा द्वारा परिवहन निगम के कर्मचारियों की समस्याओं संम्पन्न समझौते का अनुपालन करने की मांग की गयी। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि श्री सतीश पाण्डेय, संयोजक, कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने केन्द्र के समान राज्य कर्मियों को भी सभी भत्ते देने की मांग की। रामराज दुबे अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी महासंघ ने प्रदेश मे चतुर्थ श्रेणी की भर्ती पर लगाये गये रोक को समाप्त करने की मांग की। निगम महासंघ के अध्यक्ष मनोज मिश्र ने निगमों के कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा की। नगर निगम महासंघ के अध्यक्ष शशि मिश्रा ने नगर निगम की समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। कलेक्ट्रेट संघ के अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने सरकार से कलेक्ट्रेट कर्मियों की समस्यायें दुर करने की मांग की। अधिवेशन में चेयरमैन संघर्ष समिति डा॰ संदीप वडोला तथा संगठन प्रमुख डा॰ के॰के॰ सचान ने मुख्य सचिव के आदेश के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा संघ के साथ नियमित बैठकें न किये जाने पर नाराजगी व्यक्त की। अशोक कुमार अध्यक्ष राजकीय नर्सेज संघ ने स्वास्थ विभाग मे बढ़ रहे भ्रष्टाचार मे अधिकारियों को दोषी बताया।

 

अधिवेशन के प्रथम चरण में अतिथियों का स्वागत किया गया तथा कर्मचारी समस्याओं एवं परिषद की मांगों पर विस्तृत चर्चा की गयी तथा मांगों को पूरा किये जाने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया।

 

परिषद अधिवेशन को वीपी मिश्र के साथ संरक्षक मनोकर्णिका उपाध्याय, राजकीय शिक्षक संघ के वलीउल्लाह खाँ, माध्यमिक शिक्षक संघ के विजय किशोर मिश्रा, नगर निगम महासंघ के कैशर रज़ा, निगम महासंघ के संयोजक एसएएच जैदी, महासचिव घनश्याम यादव सहायक वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मो॰ नदीम, महामंत्री अमित श्रीवास्तव, सिंचाई संघ के अध्यक्ष आर॰ के॰ पान्डे, महामंत्री  अवधेश मिश्रा, राजस्व अधिकारी संघ के अध्यक्ष विजय किशोर मिश्रा, संरक्षक प्रमानन्द चतुर्वेदी, महामंत्री नीरज चतुर्वेदी डा॰ पी॰ के॰ सिंह अध्यक्ष सांख्यिकी सेवा संघ वन विभाग, विपिन त्यागी अध्यक्ष राजकीय मेडिकल कालेज महासंघ, अशोक कुमार महामंत्री वेटनरी फार्मासिस्ट संघ, पंकज शर्मा अध्यक्ष वेटनरी फार्मासिस्ट संघ, राजेष श्रीवास्तव महामंत्री होम्योपैथ फार्मासिस्ट संघ, सतीश यादव अध्यक्ष कुष्‍ठ कर्मचारी संघ, महामंत्री आर॰के॰ उपाध्याय, आशीष पान्डे महामंत्री वन विभाग मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ट्यूबवेल टेक्निकल कर्मचारी संघ उ॰प्र॰ के अध्यक्ष उमेश राव महामंत्री रजनेश माथुर वाणिज्य कर मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसो॰ के अध्यक्ष कमल दीप महामंत्री जे॰ पी॰ मौर्य बेसिक हेल्थ वर्कर एसो॰ के अध्यक्ष धनन्जय तिवारी, महामंत्री एस॰ एस॰ शुक्ला मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की अध्यक्ष मीरा पासवान के॰जी॰एम॰यू॰ कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष विकास सिंह महामंत्री प्रदीप गंगवार आर॰ एम॰ एल॰ आयुर्विज्ञान संस्थान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रणजीत यादव, महामंत्री सच्चिदानन्द मिश्रा एन॰एच॰एम॰ कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मयंक सिंह अशोक कुमार महामंत्री राजकीय नर्सेज़ संघ सर्वेश पाटिल अध्यक्ष आप्टोमेट्रिस्ट एसो॰ राम मनोहर कुशवाहा महामंत्री एक्स-रे टेक्नीशियन एसो॰ बी॰एन॰ मिश्रा महामंत्री समाज कल्याण मिनि॰ एसो॰ सुनील यादव एल॰टी॰ एसो॰ सुभाष श्रीवास्तव जिलाध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव अजय पान्डे कमल श्रीवास्तव प्रवीन यादव डा॰ तैय्यब, अभय शुक्ला महामंत्री सिंचाई विभाग ड्राइंग स्टाफ एसोसिएषन आदि ने भी सम्बोधित किया।