लेखपाल संघ के पदाधिकारियों की सेवा समाप्ति पर राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद भड़की

-आपात बैठक बुलाकर तय की आंदोलन की रणनीति, 21 दिसम्‍बर को अगली बैठक

 

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश लेखपाल संघ के आंदोलन को दबाने के लिए शासन द्वारा संघ के पदाधिकारियों की सेवा समाप्ति के आदेश को देखते हुए आज राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद संयुक्त परिषद की हाईकमान की बैठक बलरामपुर चिकित्सालय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सुरेश रावत ने की। इस बैठक में आगे की रणनीति तैयार करने के लिए 21 दिसम्‍बर को अगली बैठक करने का निर्णय किया गया।

परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि हाईकमान की बैठक में निर्णय लिया गया कि शासन की दमनात्मक नीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा । उन्होंने कहा कि लेखपाल संघ की मांग पर 9 जुलाई को रेणुका कुमार अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई थी, जिसमें हुए निर्णय अभी तक लागू नहीं हो सके। समझौतों को लागू करने हेतु लेखपाल संघ बीती 10 दिसम्‍बर से क्रमिक आंदोलन पर है। 13 दिसंबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संघ की वार्ता हुई, जिसमें 9 जुलाई को शासन के साथ हुए समझौतों को लागू करने की मांग की गई लेकिन बैठक की कार्यवृत जारी नहीं हुई, जिसके कारण संघ का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी है।

इस बीच शासन के निर्णय पर संघ के अध्यक्ष सहित प्रांतीय व जनपदीय पदाधिकारियों की सेवा समाप्ति जैसा अत्यंत निंदनीय निर्णय लेकर आंदोलन को समाप्त कराने के स्थान पर दमनात्मक रवैया अपनाया गया। चिंतन का विषय है कि शासन के उच्च स्तर के अधिकारी जो कि विभाग व प्रदेश को चला रहे है उनके अधीन प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर संघों के साथ हुई बैठकों में बनी सहमति का क्रियान्वयन न किये जाने से शासन व संगठनों के मध्य विश्वास की कमी हो रही है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर सरकार संघ के पदाधिकारियों के विरुद्ध की गयी कार्यवाही को समाप्त नहीं करती है तो परिषद की तत्काल कार्यकारिणी की बैठक 21 दिसंबर को आहूत कर आंदोलन में सहयोग का निर्णय लिया जाएगा जिसमें चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, वन आदि आवश्यक सेवाएं भी शामिल होंगी।

परिषद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे स्वयं हस्तक्षेप कर तत्काल दमनात्मक कार्यवाही समाप्त कर संघ के साथ वार्ता में हुए समझौतों को लागू किया जाए।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सुरेश रावत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश मिश्रा ,संगठन प्रमुख केके सचान, उपाध्यक्ष सुनील यादव, उपाध्यक्ष धनंजय तिवारी, प्रवक्ता अशोक कुमार, सचिव पीके सिंह ने कहा कि मांगों पर हुए समझौतों को लागू न करना और शांतिपूर्ण आंदोलन को दमन पूर्वक कुचलना निश्चित ही लोकतंत्र की हत्या है। प्रदेश के कर्मचारी ऐसी नीति को स्वीकार नहीं करेंगे। बैठक को मीडिया प्रभारी सुनील कुमार, सुभाष श्रीवास्तव, जीसी दुबे, सतीश यादव, राजेश चौधरी, कमल श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया।