…कुछ यूं दी अम्‍बेडकर नगर के डीएम राकेश मिश्र ने डॉ एसपी गौतम को श्रद्धांजलि

-फेसबुक वॉल पर लिखी भावुक पोस्‍ट, जाना एक बहादुर योद्धा का

 फेसबुक वॉल से साभार

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। अंबेडकर नगर के महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त ज़िला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संत प्रकाश गौतम कल 9 जून को कोरोना से लड़ाई में ज़िंदगी की जंग हार गए। उनके निधन पर ज़िले के जिलाधि‍कारी राकेश मिश्र ने एक भावुक पोस्ट लिखी है। डॉ गौतम की कर्तव्‍यनिष्‍ठा और चिकित्‍सकीय के साथ ही उनकी प्रशासनिक क्षमता से ‘सेहत टाइम्‍स’ के पाठक भी परिचित हो सकें, इसलिए जिलाधिकारी राकेश मिश्र की फेसबुक वाल से डीएम के उद्गार उसी रूप में प्रस्‍तुत हैं।

जाना एक बहादुर योद्धा का

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हाँ सर,, हाँ सर,,

मोबाइल कॉल को रिसीव करने की आवाज़ होती ,, कभी रात के 2 बजे और कभी भोर के 5 बजे भी ,, । देखिए लाइन बहुत लम्बी हो रही है ,, लोग घंटों से खड़े हैं,  अभी स्क्रीनिंग पटल बढ़वाता हूँ सर ,, ज़बाब होता, मेरे पहुँचने से पहले ही वह उपस्थित मिलते ,, नाम सन्त प्रसाद गौतम ,, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ,, काम विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के मुखिया ,, 30 लाख आबादी के ज़िले के हज़ारों मरीज़ों ,, सैंकड़ों गर्भवती महिलाओं को 24 x 7 चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना ,,,। कभी भी कोई पहुँचे ,,वह उपस्थित मिले ,, एक आदर्श चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करायी ,, जिसके लिए उन्हें व जनपद को प्रशंसा मिलती। फिर कोरोना का दौर आया ,, दिन-रात प्रवासी मज़दूरों का आगमन, पैदल,, साइकिल ,, बस ,, ट्रक ,, श्रमिक ट्रेनें ,. चौबीसों घंटे करोना की जाँच चलती रहती ,, सबके भोजन ,,, विश्राम,  परिवहन की ज़िम्मेदारी में जिले का हर अधिकारी और कर्मचारी लगा हुआ था,, डॉक्टर गौतम के ज़िम्मे Covid hospital की भी ज़िम्मेदारी थी,, जहां संक्रमित मरीज़ भर्ती हैं,, उन्ही में से एक मरीज़ के कमरे में राउंड के दौरान डॉक्टर गौतम संक्रमित होते हैं, पर सेवा के भाव में साथी डॉक्टर जान नहीं पाते हैं कि‍ वह लगातार असहज हो रहे ,, बात जब मालूम हुई ,, संक्रमण फेफड़े में था,, तुरंत विशेषज्ञों की टीम लगती है,, परन्तु अंग एक के बाद एक साथ देना छोड़ रहे है,, हम सभी रो रहे हैं,, पर हर कोई काम में लगा है।

आज हर उम्मीद को तोड़ती ख़बर आयी ,, हम सब लखनऊ भागे ,, अंतिम विदाई, पूरा परिवार था,, पर body bag में सील्ड देह थी ,, अंतिम दर्शन ,, मुख देखना नहीं हो सका ,, बिजली शवदाह गृह के कर्मचारी अपने विशेष वस्त्र पहनने लगे,, हमें भी अपने पाँव, सिर,,हाथ-मुँह, सब ढंकना था,, वहाँ सबकी पहचान खो गयी सहसा,, आपस में गुत्‍थमगुत्था होकर विलाप करता परिवार,, सड़क के इस पार ही खड़ा रहा,, बेटी ने रोते हुए मुझसे कहा,, बहुत बिज़ी रखा आप लोगों ने,, पिता की सेहत ख़राब होती रही,, मैंने हाथ जोड़े,, और क्या कहता,।

समय का यह दौर,, मै सोचना था,, निकल जाएगा एक दिन,  भूल जाऊँगा सब कुछ,, डॉक्टर गौतम का यूँ जाना इसे अब भूलने भी नहीं देगा,,, मैं लखनऊ से वापस मुख्यालय लौट रहा हूँ ,,

कल हम सभी उस लड़ाई को आगे बढ़ाएँगे,, जिसे डॉक्टर गौतम ने जी जान से लड़ा,, अलविदा डॉक्टर सन्त प्रसाद गौतम,  आप को हम भूल नहीं पाएँगे,,

                  राकेश मिश्र/डीएम अम्बेडकरनगर 9 जून 2020

डॉ गौतम के निधन पर शोक संवेदनाओं का तांता लगा हुआ है, आज भी राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद (संजीव पाण्‍डेय गुट) के अध्‍यक्ष संजीव पाण्‍डेय, उपाध्‍यक्ष अजय पाण्‍डेय ने डॉ एसपी गौतम को अपनी श्रद्धांजलि दी है।