कार्यालयों में नहीं हो रहा सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन, मुख्‍य सचिव ने दिये नये निर्देश

-जरूरत समझें तो दे सकते हैं समूह ग व घ के कार्मिकों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति

-आमजन हो या कोई भी, सभी को मास्‍क लगाना अनिवार्य, होगा भारी जुर्माना

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। जब से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई है उसके बाद से देखा यह जा रहा है कि सड़क पर निकलने वाले काफी संख्‍या में लोग मास्‍क नहीं लगा रहे हैं, सोशन डिस्‍टेंसिंग मेन्‍टेन नहीं कर रहे हैं, यहां तक कि सरकारी कार्यालयों में भी सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। इसी के चलते वैश्विक महामारी कोविड-19 में के बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। इन्‍हीं सबके मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने सभी मंडल आयुक्तों और जिलाधिकारियों को संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं।

7 जुलाई को जारी निर्देशों में सरकारी कार्यालयों में संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, मुख्य सचिव ने अपने निर्देशों में कहा है कि आवश्यकता अनुसार समूह ग तथा समूह घ के कार्मिकों को रोस्टर के अनुसार अपने घर से ही कार्य करने की अनुमति दी जा सकती है, जिससे कि कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन हो सके।

मुख्य सचिव ने सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्‍क के उपयोग को शत-प्रतिशत सुनिश्चित के लिए निर्देश दिए हैं उन्होंने कहा है कि सभी व्यक्ति मास्‍क  की व्यवस्था 3 दिन के भीतर सुनिश्चित कर लें 3 दिनों के बाद मास्‍क का उपयोग न करने पर बढ़ी हुई दर दर पर अर्थदंड लगाया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह बढ़ी हुई दर 500 रुपये हो सकती है। इसी प्रकार सार्वजनिक स्थानों जहां अधिक भीड़ होती है जैसे कि बाजार, मंडी, अस्पताल आदि जगहों पर लाउडस्पीकर की व्यवस्था कर निरंतर उद्घोषणा कर लोगों को सतर्क किए जाने के निर्देश भी दिये हैं।