Thursday , June 30 2022

…ताकि असहज न महसूस करें स्‍तन बीमारियों से ग्रस्‍त महिलायें

-देश का पहला एक्‍सक्‍लूसिव ब्रेस्‍ट डिजीज सेंटर खुलेगा केजीएमयू में  
-ओपीडी से लेकर सर्जरी तक एक ही स्‍थान पर हो सकेगी 

धर्मेन्‍द्र सक्‍सेना

लखनऊ। निकट भविष्‍य में देश में अपनी तरह का पहला ब्रेस्‍ट डिजीज सेंटर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग में खुलने जा रहा है, जिसमें सिर्फ महिलाओं के ब्रेस्‍ट कैंसर का इलाज होगा, यही नहीं मरीज के ओपीडी में दिखाने से लेकर सभी आवश्‍यक जांचें और जरूरत पड़ने पर सर्जरी सब कुछ एक ही स्‍थान पर इसी सेंटर में होगा, महिला को अन्‍यत्र कहीं भी जाने की आवश्‍यकता नहीं पड़ेगी। इस सेंटर को खोले जाने को लेकर तैयार प्रस्‍ताव को आज केजीएमयू की कार्यपरिषद की हरी झंडी मिल गयी है, अब इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जायेगा।

आपको बता दें कि एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के विभागाध्‍यक्ष प्रो आनन्‍द मिश्रा ने पिछले दिनों इस तरह के एक प्रस्‍ताव का जिक्र कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट से किया था, उनका कहना था कि वर्तमान व्‍यवस्‍था के तहत ब्रेस्‍ट कैंसर से पीडि़त महिलाओं का इलाज तो होता है लेकिन महिला की निजता की रक्षा और उसकी भावनाओं के मद्देनजर यह आवश्‍यक है कि जिस प्रकार स्‍त्री एवं प्रसूति रोग विभाग एक ऐसी इकाई है जहां पर पुरुष मरीजों का कोई काम ही नहीं है, यही नहीं जो भी जांचें आदि होती हैं वे भी वहीं हो जाती हैं।

इसके उलट वर्तमान व्‍यवस्‍था के तहत ब्रेस्‍ट कैंसर का इलाज कराने आने वाली महिलाओं को इलाज के चलते पहले चिकित्‍सक के पास, फि‍र एक्‍स रे/अल्ट्रासाउंड कराने के लिए, फि‍र मेमोग्राम करने वाले के पास तथा अंत में बायप्‍सी कराने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता है। इन अलग-अलग जगहों पर जाने के कारण जहां दौड़-भाग होती है वहीं इन सभी स्‍थानों पर जांचों को कराने के लिए हर तरह के मरीजों के बीच अपनी प्राइवेसी को बार-बार शेयर करना पड़ता है, जिसकी वजह से महिला को जो शर्म और झिझक का सामना करना पड़ता है, उसे वह महिला ही महसूस कर सकती है, दूसरे लोग सिर्फ समझ सकते हैं, और शब्‍दों में इसे बयां करना आसान नहीं है। इसी स्थिति को समझते हुए पृथक ब्रेस्‍ट डिजीज सेंटर खोलने का प्रस्‍ताव तैयार किया गया है। आपको बता दें कि इस तरह का सेंटर भारत में कहीं भी नहीं है, विदेश में जरूर ऐसे सेंटर्स की सुविधा है।