धूम्रपान व तम्‍बाकू खाने वाले को सर्जरी के समय रहते हैं ये खतरे

-सर्जरी से डेढ़ माह पूर्व छोड़ देंगे तम्‍बाकू तो वेंटीलेटर की सम्‍भावना कम

डॉ तन्मय तिवारी

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। यदि धूम्रपान करने या तम्‍बाकू का सेवन करने वाले व्‍यक्ति को सर्जरी करानी है तो उसे करीब डेढ़ माह पूर्व इसका त्‍याग कर देना चाहिये, वरना सर्जरी के समय कई प्रकार के खतरे बढ़ जाते हैं, जो जानलेवा हो सकते हैं।

यह सलाह विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के मौके पर सेहत टाइम्‍स से बात करते हुए केजीएमयू के एनेस्‍थीसिया एंड क्रिटिकल केअर विभाग के सह आचार्य (असिस्‍टेंट प्रोफेसर) डॉ तन्मय तिवारी ने दी। उन्‍होंने कहा कि जो लोग इन चीजों का सेवन करते हैं उनके लिए मेरी सलाह है कि ऑपरेशन से पूर्व धूम्रपान,तम्बाकू एवं गुटखा आदि का पूर्णतः त्याग कर दें।  

डॉ तिवारी ने यह बताया कि तंबाकू और धूम्रपान के लगातार सेवन से ऑपरेशन के दौरान शरीर में विषैली गैस जैसे कार्बन मोनो ऑक्साइड की मात्रा में बढ़ोतरी होती है, जिससे कोशिकाओं के स्तर पर ऑक्सीजन की मात्रा कम होने का ख़तरा रहता है, जिस कारण ऑपरेशन के दौरान हृदयघात, cardiac arrhythmia laryngospasm, जैसी जानलेवा परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

डॉ तिवारी के अनुसार धूम्रपान करने से 4500 से ज़्यादा हानिकारक केमिकल्‍स शरीर को विभिन्न प्रकार से बीमार कर सकते हैं जिनमें प्रमुख बीमारियाँ मुख और फेफड़े का कैन्सर, अस्थमा, एसिडिटी, उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा और स्ट्रोक आदि हैं।

डॉ तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन से पूर्व बेहोशी की फ़िट्नेस जाँच यानी प्री-अनेस्थेसिया चेकअप ( PAC ) के समय मरीज़ों को धूम्रपान, पान मसाला, बीड़ी और सभी प्रकार के तम्बाकू के सेवन को पूर्णतः बंद कराया जाता है और इसके किसी प्रकार के सेवन को वर्जित किया जाता है। पी॰ए॰सी॰ क्लिनिक के समय बतायी गयी इस जानकारी के द्वारा मरीज़ों को हमेशा के लिए तम्बाकू छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और प्रायः मरीज़ नशामुक्त हो जाता है।

ऑपरेशन से पूर्व तम्बाकू एवं धूम्रपान को 4-6 हफ़्ते पहले बंद करने से वेंटिलेटर पर जाने की सम्भावना में कमी आती है, पोस्ट ऑपरेटिव रिकवरी और ऑपरेशन के बाद घाव जल्दी भरता है।