किराये पर दस्तखत : मरीजों की जान से खेलने वाला पैथोलॉजिस्ट निलंबित

25 से ज्‍यादा पैथोलॉजी लैब्‍स को अपने हस्‍ताक्षर दे रखे थे किराये पर

डेंटल कॉलेज में संकाय के रूप में नौकरी भी कर रहा था

मुंबई/लखनऊ। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) ने नासिक स्थित एक पैथोलॉजिस्‍ट को नौकरी करने के बावजूद 25 से ज्‍यादा दूसरी प्राइवेट पैथोलॉजी लैब के लिए अपने हस्‍ताक्षर किराये पर देने के आरोप में निलंबित कर दिया है। खबर है कि एक डेंटल कॉलेज में पूर्णकालिक संकाय होने के बावजूद यह पैथोलॉजिस्‍ट नासिक के कई क्षेत्रों के साथ ही मालेगांव और धुले की  प्रयोगशालाओं में रिपोर्ट के लिए अपने हस्‍ताक्षर किराये पर दिये हैं। इस पैथोलॉजिस्‍ट को छह माह के लिए निलंबित किया गया है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एमएमसी अध्यक्ष डॉ शिवकुमार उत्तम ने कहा कि पैथोलॉजिस्टों को परीक्षण के साथ-साथ रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से पहले व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करना चाहिए। “इस मामले में, नासिक स्थित पैथोलॉजिस्ट डॉ एसआर शिंदे ने उन रिपोर्टों के निष्कर्षों की न तो देखरेख की और न ही उनकी व्याख्या की, जिस पर उनके हस्ताक्षर मौजूद थे।”

 

महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ प्रैक्टिसिंग पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (MAPPM) के कार्यकारी सदस्य डॉ प्रसाद कुलकर्णी ने कहा कि यह एक रोगविज्ञानी का स्पष्ट मामला था, जिसने कई प्रयोगशालाओं में अपने हस्ताक्षर किराए पर दिए थे। उन्‍होंने कहा कि “हमने पाया कि डॉ शिंदे लगभग 25 प्रयोगशालाओं से जुड़े थे। यह बेहद खतरनाक है क्योंकि रोगियों के लिए उपचार प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर निर्भर करता है”, डॉ कुलकर्णी ने कहा कि 2016 के बाद से इसी तरह के मामलों में पैथोलॉजिस्ट का यह पांचवां निलंबन है।” उन्‍होंने कहिा कि हमारे द्वारा दर्ज की गई कम से कम चार और इसी तरह की शिकायतें हैं ये शिकायते MMC के पास अभी लंबित हैं।