Wednesday , August 17 2022

मॉल खुलने की अनुमति के बाद भी दुकानदारों ने नहीं खोलीं दुकानें

-लॉकडाउन अवधि का किराया माफ करने व एक साल कम किराये की मांग

सहारागंज

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में आज से मॉल खोले जाने की अनुमति मिल गयी है, तय किये गये दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दुकानों को खोलने की अनुमति दी गयी है। लेकिन इसके बावजूद राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के दूसरे शहरों में मॉल की दुकानें बंद रहीं। आदर्श व्यापार मंडल की पूर्व घोषणा के अनुसार लॉक डाउन की अवधि का किराया और कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क  पूरी तरह से माफ किए जाने तथा आगे के 12 माह के लिए किराए और मेंटेनेंस शुल्क में कमी किए जाने की मांग को लेकर राजधानी के सहारागंज, फिनिक्स, फन सिटी मॉल, वन अवध मॉल, सिंगापुर मॉल, सिनेपोलिस की दुकानें व्यापारियों ने बंद रखीं। प्रदेश के अन्य जिलों गोरखपुर, बरेली, नोएडा में भी शॉपिंग मॉल की दुकानें बंद रहीं।

फिनिक्स

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा किराए के भुगतान की समस्या से पूरे देश के व्यापारी परेशान हैं, उन्होंने कहा शॉपिंग मॉल के व्यापारियों के सामने किराए के साथ-साथ कॉमन एरिया मेंटेनेंस शुल्क की दोहरी मार पडती है और लॉक डाउन के कारण संक्रमण की चिंता के चलते शॉपिंग मॉल्स में जनता/ ग्राहकों की आमद पहले की अपेक्षा बहुत कम रहने की उम्मीद है ऐसे में शॉपिंग मॉल के व्यापारी घाटे में चले जाएंगे और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा,  राजधानी के शॉपिंग मॉल के व्यापारी मोहम्मद अफजल, जीशान, अशोक, आशीष ने बताया शॉपिंग मॉल में किराया दुकान के कारपेट एरिया में 50% जोड़ कर सुपर एरिया का लिया जाता है।

सिनेपोलिस
सिंगापुर मॉल

व्यापारियों ने बताया कि दुकानें छोड़ने पर फर्नीचर, डेकोरेशन, इंटीरियर में लगा लाखों रुपया जीरो हो जाएगा और व्यापारियों की पूरी पूंजी डूब जाएगी। व्यापारियों ने कहा यदि किराया कम नहीं हुआ तो लगातार घाटा होगा। अतः लॉक डाउन की अवधि का किराया मॉल प्रबंधन द्वारा  माफ किया जाना अति आवश्यक है तथा व्यापार में आगे टिके रहने के लिए 12 माह का किराया और मेंटेनेंस शुल्क कम किया जाना अति आवश्यक है। व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने जिला प्रशासन और शासन से इस विषय पर अभिभावक के रूप में हस्तक्षेप करते हुए सहयोग की मांग की।