Friday , August 27 2021

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, ‘आप इंसानों का इलाज करने जा रहे हैं, जानवरों का नहीं’

मानक पूरे न करने के कारण तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पर रोक लगा चुकी है MCI

 

प्रतीकात्मक फोटो

उच्चतम न्यायालय ने बिहार के तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों पढ़ाई लायक जरूरी मानक पूरे न करने को लेकर बिहार सरकार को कड़ी फटकार लगायी है. दरअसल राज्य कोर्ट को मानक जल्दी पूरा करने का आश्वासन देकर मेडिकल काउंसिल से लगी रोक को हटाते हुए काउंसलिंग करने की अनुमति चाहती है. बिहार के तीन मेडिकल कॉलेजों में जरूरी संसाधन व सुविधाएं न होने के कारण मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस साल इन कॉलेजों में दाखिलों पर रोक लगा दी थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह तीन महीनों में इन कॉलेजों में सभी सुविधाएं पूरी कर देंगे. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह थोड़ी देर में कोर्ट की वेबसाइट पर आर्डर अपलोड कर देंगे कि इन कॉलेजों में दाखिले होंगे या नहीं. दरअसल तय कार्यक्रम के तहत कल मंगलवार से इन कॉलेजों में दाखिले की काउंसलिंग शुरू होनी है.

 

मेडिकल कॉलेजों की स्थिति को लेकर आड़े हाथों लिया कोर्ट ने

 

इसके अलावा कोर्ट ने राज्य मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं की कमी पर बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए टिप्पणी की कि अगर आपके पास ऐसी सुविधाएं होंगी तो मरीजों का क्या होगा? आप इंसानों का इलाज करने जा रहे हैं, जानवरों का नहीं. इससे पहले के एक जजमेंट में हम पहले भी कह चुके हैं कि आप अपरिपक्व डॉक्टर बना रहे हैं.

 

बिहार सरकार से मांगा था हलफनामा

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 14 जून को बिहार सरकार से इस मामले में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था कि सरकार बताए कि तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जो कमियां हैं वह कब तक पूरी हो जाएंगी. जिन तीन मेडिकल कॉलेजों की यहां चर्चा हो रही है उनमें सरकारी मेडिकल कॉलेज गया, सरकारी मेडिकल कॉलेज बेतिया और सरकारी मेडिकल कॉलेज पावापुरी शामिल हैं. तीनों कॉलेजों में मेडिकल सुविधाओं के मानक को पूरा न करने के कारण MCI ने इस सत्र में दाखिले पर रोक लगा दी थी.

 

मेडिकल पाठ्यक्रमों में इस वर्ष प्रवेश पर रोक संबंधी भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) के आदेश पर बिहार के तीन मेडिकल कॉलेजों ने मंगलवार (12 जून) को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. जिसके बाद न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन खंडपीठ ने बेतिया, पावापुरी और गया स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेजों की याचिका पर एमसीआई से जवाब-तलब किया था. न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए 14 जून की तारीख तय की थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

13 − five =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com