अदृश्‍य दुश्‍मन का सामना करना आसान नहीं, कोरोना वॉरियर्स को सलाम

-गणतंत्र दिवस पर मेयो मेडिकल सेंटर ने अपने 33 कोरोना योद्धाओं को किया सम्‍मानित

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। बड़ी आबादी वाले भारत देश ने जिस तरह दुनियाभर में कोरोना महामारी का सामना करके इसे हराने की कोशिश की वह एक उदाहरण है यह हमारे देश की सर्वोच्च शक्ति है कि हर कोई एकजुट है और कोरोना की तीव्रता को कम करने में सरकार के साथ खड़ा है। वैश्विक महामारी के इस युग में अदृश्य दुश्मन का सामना करना आसान बात नहीं है महामारी की रोकथाम में सभी डॉक्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह बात मेयो मेडिकल सेंटर की प्रबंध निदेशक डॉ मधुलिका सिंह ने आज 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहां गोमती नगर स्थित मेयो मेडिकल सेंटर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्‍होंने कहा कि कोरोना वायरस ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया है लेकिन समाज में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके कर्ज का भुगतान करना भी मुश्किल है। उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से कोरोना वायरस से जंग जीतेंगे लेकिन समाज में रहने वाले इन योद्धाओं को कभी नहीं भूलना चाहिए जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग के कर्मी इस संकट की स्थिति में लड़ रहे हैं और अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात भारतीयों की सेवा कर रहे हैं, यह अहसान जीवन भर नहीं चुकाया जा सकता। ये ऐसे योद्धा हैं जिनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उनका अहसान भारत के हर नागरिक पर जीवन भर रहेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में मेडिकल मेयो मेडिकल सेंटर के सभी कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा के साथ काम किया है इसके परिणाम स्वरूप कोरोना महामारी को रोकने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि हम मेयो मेडिकल सेंटर के कोरोना वॉरियर्स का जितना अहसान मानें, उतना कम है इसलिए उनका सम्मान भी जरूरी है हालांकि वह इससे भी बड़े सम्मान के योग्य हैं।

इस मौके पर उपस्थित प्रख्‍यात न्यूरो फिजिशियन डॉ देविका नाग ने महामारी के दौरान मेयो मेडिकल सेंटर द्वारा कोरोना वॉरियर्स के रूप में कार्य करने वाले 33 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को सम्मानित किए जाने का स्वागत करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। डॉ देवि‍का नाग ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी को दूर करने के लिए पूरे भारत में पुलिस, स्वास्थ्य, सफाई जैसी आवश्यक सेवाओं वाले कर्मचारी हैं, जो अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं और अपने दायित्वों का निर्वहन बहुत अच्छे से कर रहे हैं, इसीलिए उन्हें कोरोना वॉरियर्स नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना अवधि के दौरान निजी अस्पतालों से बहुत अधिक सहायता मिली है, यही कारण है कि जिले के लोगों को इलाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ा। इस अवधि में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उन्होंने मेयो मेडिकल सेंटर की सराहना की। मेयो मेडिकल सेंटर के जिन कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया है उनमें अनुपमा सिंह, डॉ अभिषेक सिंह, डॉ राघवेंद्र सिंह, डॉक्टर दानिश, डॉ सुनील कुमार मिश्रा, डॉ आलोक कुमार गुप्ता, शिवा श्रीवास्तव, साधना तिवारी, शिव भोला सिंह, दुर्गेश मिश्रा, स्प्रिहा वर्मा, श्रवण कुमार चतुर्वेदी, सहज राम, राज कुमार धीमान, सोमनाथ पटेल, रितु मिश्रा, गरिमा दुबे, ज्योति चौधरी, राहुल कुमार, प्रीति साहू, श्रद्धा पांडे, सचिन कुमार, पुष्पेंद्र राजपूत, अमित कुमार पांडे, अजय कुमार यादव, अनामिका वर्मा, पूजा चौरसिया, सपना और संदीप चौधरी शामिल हैं। डॉ मधुलिका सिंह ने सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई दी और इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया और कहा ‘मेयो मेडिकल सेंटर कोरोना योद्धा पुरस्कार’ कोरोना योद्धाओं के लिए समर्पित एक अभियान है।